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राजगीर दिगम्बर जैन धर्मशाला में 4 पर्यटकों की मौत, हत्या या आत्महत्या में उलझी पुलिस

• चारों शवों के हाथ बंधे और मुंह पर टेप मिलने से जांच में उठे गंभीर सवाल • डॉक स्क्वायड और एफएसएल टीम को बुलाकर पुलिस ने साक्ष्य एकत्र करना शुरू किया • पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी मौत की असली वजह • बेंगलुरु के नागसेन्द्रा परिवार की अंतिम यात्रा राजगीर में क्यों बदली दर्दनाक कहानी? • कमरे के अंदर मोबाइल, दस्तावेज और 25 नींद की गोलियां बरामद

राजगीर दर्पण डेस्क। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के प्रसिद्ध दिगम्बर जैन धर्मशाला के एक कमरे में बेंगलुरु से आए एक ही परिवार के चार तीर्थयात्रियों के शव संदिग्ध हालात में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में एक बुजुर्ग महिला, उनका बेटा और दो बेटियां शामिल हैं। घटना ने पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यह सामूहिक आत्महत्या है या फिर सुनियोजित हत्या?

जानकारी के अनुसार, धर्मशाला के कमरे में एक शव पंखे से, जबकि तीन शव खूंटी से लटके मिले। चौंकाने वाली बात यह है कि चारों मृतकों के हाथ मोटी रस्सी से बंधे हुए थे और मुंह पर टेप लगा हुआ था, जिसने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया और वरीय अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

पुलिस का कहना है कि शवों का इस तरह लटका होना प्रथम दृष्टया आत्महत्या की ओर संकेत करता है, लेकिन हाथ बंधे होने और मुंह पर टेप लगे होने जैसे तथ्य हत्या की आशंका को भी मजबूत करते हैं। इसी कारण मामले की जांच आत्महत्या और हत्या दोनों पहलुओं से की जा रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पटना से एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब), डीआईयू और डॉग स्क्वायड की टीमों को बुलाया गया। टीमों ने घटनास्थल से अहम नमूने एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

नालंदा जिला एसपी भारत सोनी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि सभी मृतक एक ही परिवार के सदस्य हैं। मृतकों की पहचान 70 वर्षीय सोनम देवी, उनके पुत्र जी. आर. नागा प्रसाद और उनकी दो पुत्रियों के रूप में हुई है। इनमें से एक पुत्री अविवाहित थी, जबकि दूसरी को परित्यक्ता बताया जा रहा है। यह परिवार ग्रामीण बेंगलुरु के नागसेन्द्रा इलाके का निवासी था और परिवार में कुल यही चार सदस्य थे।

पुलिस के अनुसार कमरे से चारो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, अन्य जरूरी दस्तावेज, नकद राशि और लगभग 25 नींद की गोलियां बरामद की गई हैं। कमरे का दरवाजा अंदर और बाहर से बंद पाया गया है, जिससे मामला आत्महत्या की ओर झुकता नजर आता है।

हालांकि पुलिस का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जा सकेगा। सभी शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है।

फिलहाल राजगीर की इस शांत धार्मिक नगरी में यह घटना लोगों के बीच डर, शोक और सवाल छोड़ गई है। हर किसी की जुबान पर एक ही चर्चा है कि आखिर उस कमरे में ऐसा क्या हुआ, जिसने एक पूरे परिवार की जिंदगी छीन ली? पुलिस जांच के नतीजों पर अब सबकी नजर टिकी है।

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