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बिहारशरीफ साइबर थाना ने 3 साल बाद 3 छात्राओं को यूं लौटाई महिला उत्थान योजना की राशि

तीन साल पुराने मुख्यमंत्री महिला उत्थान योजना ठगी मामले में साइबर थाना ने दाखिल शिकायत पर छात्रों को राशि उपलब्ध कराई

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। तीन वर्ष पुराने धोखाधड़ी के मामले में आखिरकार न्याय की किरण दिखाई दी है। साइबर थाना पुलिस की सक्रियता और पुनः शुरू की गई गहन जांच के बाद मुख्यमंत्री महिला उत्थान योजना की गबन की गई राशि पीड़ित छात्राओं को वापस दिलाई गई है। लंबे इंतजार के बाद राशि मिलने से छात्राओं और उनके परिवारों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।

जानकारी के अनुसार साइबर थाना कांड संख्या 108/23 में महलपर, खैराबाद निवासी धर्मवीर पासवान ने आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि मुख्यमंत्री महिला उत्थान योजना की राशि का गबन किया गया है।

प्रारंभिक जांच पूर्व अनुसंधानकर्ता द्वारा शुरू की गई थी, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद मामला लंबित हो गया था और पीड़ित छात्राएं न्याय की आस में प्रतीक्षा करती रहीं।

मामले को नई गति तब मिली जब साइबर उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष राधवेन्द्र मणि त्रिपाठी के निर्देश पर 20 फरवरी 2026 को जांच की जिम्मेदारी पुलिस अवर निरीक्षक राजेन्द्र कुमार को सौंपी गई।

अवर निरीक्षक राजेन्द्र कुमार ने पुराने अभिलेखों की समीक्षा करते हुए बैंक लेन-देन और लाभुकों के विवरण की सूक्ष्म जांच की। उनकी तत्परता और तकनीकी जांच के परिणामस्वरूप ठगी की गई राशि वापस कराने में सफलता मिली।

जांच के बाद काजल कुमारी को 10 हजार रुपये, प्रभा कुमारी को 25 हजार रुपये तथा स्नातकोत्तर की छात्रा शिबानी कुमारी को 50 हजार रुपये की राशि वापस दिलाई गई। राशि प्राप्त होते ही छात्राओं ने राहत की सांस ली। परिजनों ने भी पुलिस प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

अनुसंधानकर्ता अवर निरीक्षक राजेन्द्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। प्रारंभिक पड़ताल में संकेत मिले हैं कि कुछ अन्य छात्राएं भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की शिकार हुई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शेष पीड़ितों को भी शीघ्र न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

साइबर थाना पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि भले ही मामला पुराना क्यों न हो, यदि शिकायत दर्ज है तो न्याय की उम्मीद बनी रहती है। तीन छात्राओं के जीवन में लौटी यह मुस्कान प्रशासन की जवाबदेही और सक्रियता का सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है। समाचार स्रोत: नालंदा दर्पण / तालिब

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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