बेन (नालंदा दर्पण/रामावतार कुमार)। नालंदा जिले के बेन प्रखंड में एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। बभनियावां गांव में पति-पत्नी ने विवाह के समय ली गई ‘साथ जीने-साथ मरने’ की कसम को सच में चरितार्थ कर दिखाया।
70 वर्षीय अमिरकी देवी की मौत हार्ट अटैक से होने के महज दो घंटे बाद हीं उनके 75 वर्षीय पति अम्बिका प्रसाद महाबोधि कालेज नालंदा से सेवानिवृत्त क्लर्क ने भी दम तोड़ दिया।
दंपति के बीच था गहरा प्रेम, साथ निकली अर्थी: रविवार को अमिरकी देवी की तबियत बिगड़ने पर इलाज के लिए बिहारशरीफ ले जाया गया, जहां उनकी मौत हार्ट अटैक से हो जानें की बात बताई गई। ग्रामीणों के अनुसार दंपति की मौत के बाद परिवार के लोगों ने दोनों की अर्थी एक साथ निकाली। एक हीं चिता पर उनका अंतिम संस्कार किया।
ग्रामीणों का कहना है कि जीवन भर साथ निभाने वाले इस जोड़े का अंतिम सफर भी एक साथ हुआ। यह घटना प्रेम की उस गहराई को दर्शाती है, जो मौत के बाद भी बरकरार रही।
एक हीं चिंता पर हुआ अंतिम संस्कार: सोमवार की सुबह दोनों शव एक साथ घर से निकाले गए और गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार भी हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि एक हीं चिता पर फतुहां घाट पर पति-पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया। जहां उपस्थित हर आंख नम हो गई।
ग्रामीणों ने कहा कि दोनों के बीच अटूट प्रेम था, जिसे मृत्यु भी अलग नहीं कर पाई। घर में दो मौतों से पुत्र कमलेश कुमार बदहवास नजर आए। विवाहित पुत्रियां व परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
प्रेम की अनोखी मिसाल: आज के दौर में जहां रिश्ते कमजोर पड़ते दिखते हैं, वहीं बभनियावां गांव के इस दंपति ने प्रेम की ऐसी मिसाल पेश की है जो लंबे समय तक याद रहेगी। गांव वाले इसे ‘साथ जीने-साथ मरने’ की सच्ची कहानी बता रहे हैं। इस घटना ने न केवल परिवार को, बल्कि पूरे इलाके को भावुक कर दिया है।




