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नूरसराय MDM कांडः HM निलंबित, 3 रसोइया कार्यमुक्त, DPO पर आरोप पत्र गठित, एकता फाउंडेशन को नोटिश, FIR की तैयारी

परासी मध्य विद्यालय की घटना पर शिक्षा मंत्री सख्त, दोषियों पर एफआईआर के निर्देश; डीपीओ से लेकर भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था तक पर कार्रवाई

नालंदा दर्पण डेस्क। नूरसराय प्रखंड के मध्य विद्यालय परासी में मध्याह्न भोजन खाने के बाद 34 बच्चों के बीमार पड़ने की घटना ने शिक्षा विभाग से लेकर स्थानीय प्रशासन तक को हिला दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है।

मंत्री के निर्देश के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं लापरवाही के आरोप में स्कूल में भोजन बनाने वाली मंटू देवी, शारदा देवी और निपु देवी को कार्यमुक्त कर दिया गया है।

मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। वहीं, योजना के अनुश्रवण की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रखंड साधनसेवी महेश प्रसाद से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

इतना ही नहीं, विद्यालय में मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था एकता शक्ति फाउंडेशन के परियोजना प्रबंधक से भी 24 घंटे के भीतर जवाब तलब किया गया है। विभाग ने साफ किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर संस्था का निबंधन रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है।

नमक के डिब्बे ने बढ़ाया रहस्य

घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर भोजन में गड़बड़ी कहां हुई। स्कूल की रसोइया शारदा देवी ने दावा किया कि किसी ने जानबूझकर नमक में कुछ मिला दिया था। उसके अनुसार वह करीब 20 वर्षों से विद्यालय में खाना बनाती और परोसती रही है और पहले कभी ऐसी शिकायत नहीं हुई।

रसोइया के मुताबिक मंगलवार को बच्चों को भोजन परोसने के दौरान कुछ बच्चों ने अलग से नमक मांगा था। उसने नमक के डिब्बे से बच्चों को नमक दिया और इसके बाद तबीयत बिगड़ने की शिकायत सामने आने लगी। उसका कहना है कि संभव है कि नमक के डिब्बे में नमक के साथ किसी अन्य पदार्थ को मिला दिया गया हो।

शारदा देवी ने यह भी कहा कि उसके अपने घर के सात पोते-पोतियां इसी स्कूल में पढ़ते हैं और घटना में उसकी पोती अनु व आयुषी भी बेहोश हुई थीं। ऐसे में वह जानबूझकर बच्चों को नुकसान पहुंचाने की बात को सिरे से खारिज करती है।

ग्रामीणों ने लगाया डिटर्जेंट मिलाने का आरोप

दूसरी ओर हंगामा कर रहे ग्रामीणों की कहानी इससे अलग है। कुछ महिलाओं का आरोप है कि जिन बच्चों ने पहले भोजन किया, उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। बाद में जिन बच्चों ने सब्जी में ऊपर से नमक मांगा, उन्हें कथित तौर पर नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर दे दिया गया, जिसके बाद बच्चों को उल्टी होने लगी।

ग्रामीणों का कहना है कि भोजन बाहर से बनकर आया था और उसमें कोई गड़बड़ी नहीं थी। उनके मुताबिक कथित गड़बड़ी स्कूल स्तर पर नमक के डिब्बे में हुई। हालांकि, कुछ ग्रामीण इस पूरे घटनाक्रम को विद्यालय के शिक्षकों के बीच कथित आपसी विवाद से भी जोड़कर देख रहे हैं। इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

इलाज के बाद भी ग्रामीणों में आक्रोश

बीमार बच्चों को इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के अगले दिन बुधवार को भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीण दोषी शिक्षकों और रसोइयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

सूचना मिलने पर नूरसराय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। नूरसराय थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

बच्चों की सुरक्षा पर विभाग का सख्त संदेश

शिक्षा विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से साफ है कि सरकार ने स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

फिलहाल, जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह क्या थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। लेकिन परासी स्कूल की घटना ने मध्याह्न भोजन की निगरानी व्यवस्था और स्कूल स्तर पर खाद्य सामग्री की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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