चंडी मुहाने नदी किनारे मिला शव युवक या वृद्ध का? जांच में उलझी पुलिस
13 अगस्त से लापता था चंडी डीह का रोहित कुमार, शव मिलने के बाद हत्या की आशंका; पुलिस ने दो युवकों से की पूछताछ

नालंदा दर्पण डेस्क। चंडी थाना क्षेत्र के मुहाने नदी किनारे शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर उसकी पहचान चंडी डीह निवासी उमेश चौधरी के 21 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार के रूप में कराने का प्रयास किया। लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने पहचान पर ही सवाल खड़े कर दिये। अब पुलिस डीएनए जांच के जरिए शव की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने की तैयारी में है।
जानकारी के अनुसार रोहित कुमार 13 अगस्त से घर से लापता था। काफी तलाश के बावजूद जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने 14 अगस्त को थाने में इसकी सूचना दी थी। इसी बीच रविवार की शाम मुहाने नदी के किनारे एक शव पड़े होने की जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर परिजनों को बुलाया।
रोहित के पिता और कुछ परिजनों ने शव की पहचान रोहित के रूप में की। हालांकि बाद में परिवार के ही कुछ सदस्यों ने इस पहचान पर असहमति जताते हुए कहा कि शव किसी अज्ञात बुजुर्ग का हो सकता है और शव पर मौजूद कपड़े रोहित के नहीं हैं।
रोहित के पिता उमेश चौधरी का कहना है कि उनके बेटे के पैर पर बचपन से चोट का निशान था। बरामद शव के पैर पर भी इसी तरह का निशान दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर उन्होंने शव को रोहित का होने की संभावना जतायी है। दूसरी ओर परिवार के अन्य सदस्यों की अलग राय के कारण पुलिस के सामने पहचान को लेकर पेचीदगी बनी हुई है।
चंडी थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा के अनुसार शव की पहचान को लेकर परिजनों के अलग-अलग बयान सामने आये हैं। ऐसी स्थिति में वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए जांच करायी जायेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की जांच को स्पष्ट दिशा मिल सकेगी।
शव की स्थिति को देखकर परिजनों ने हत्या की आशंका भी जतायी है। उनका दावा है कि हाथ पर कटे और गर्दन पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। सिर पर बाल नहीं होने की बात भी परिजनों की ओर से कही गयी है। हालांकि पुलिस ने फिलहाल हत्या की पुष्टि नहीं की है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पुलिस ने संदेह के आधार पर पड़ोस के दो युवकों से पूछताछ भी की है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के नतीजों का इंतजार है। इन्हीं रिपोर्टों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि शव की वास्तविक पहचान क्या है और मौत किन परिस्थितियों में हुई।
परिजनों के अनुसार रोहित फेरी लगाकर कबाड़ लोहा, टिन और कागज आदि की खरीद-बिक्री करता था। वह चार भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। कुछ महीने पहले वह काम के सिलसिले में मुंबई भी गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक रोहित नशे का भी आदी था।
फिलहाल एक शव, दो तरह की पहचान और हत्या की आशंका ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है। पुलिस की जांच का अगला अहम पड़ाव डीएनए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट होगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मुहाने नदी किनारे मिला शव वास्तव में रोहित कुमार का है या किसी अज्ञात व्यक्ति का।
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