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बाबा मणिराम मेले का भव्य शुभारंभ, DM-SP ने किया लंगोट अर्पण

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण) नालंदा की पावन धरती पर आस्था और परंपरा का अनूठा संगम बाबा मणिराम का सात दिवसीय मेला, गुरुवार को धूमधाम से शुरू हुआ। मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बाबा मणिराम की समाधि पर पहला लंगोट अर्पित कर किया। इस अवसर पर नालंदा पुलिस ने सशस्त्र सलामी देकर बाबा को सम्मान अर्पित किया।

जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने पूजा-अर्चना के बाद कहा कि बाबा मणिराम की समाधि नालंदा के लिए आस्था का केंद्र है। यह मेला न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक भी है।

उन्होंने बाबा के जीवन मूल्यों- सद्भाव, सेवा और समर्पण को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने भी मेले की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह आयोजन नालंदा की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखता है।

मेले की शुरुआत से पहले अनुमंडल कार्यालय और नगर थाना परिसर से लंगोट यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों ने भक्तिमय माहौल में लंगोट को थाल में सजाकर बाबा के दरबार तक पहुंचाया। वहां विधिवत पूजा के साथ लंगोट अर्पित किया गया।

इस दौरान एसडीओ काजले वैभव नितिन, डीएसपी नुरुल हक, नगर थानाध्यक्ष सम्राट दीपक, सोहसराय थानाध्यक्ष राजमणि और लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।

बता दे कि 17 जुलाई तक चलने वाले इस मेले में देशभर से श्रद्धालु बाबा की समाधि पर लंगोट चढ़ाने और आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे। लंगोट चढ़ाने की परंपरा वर्षों पुरानी है।  यहां लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मन्नत मांगते हैं और पूरी होने पर लंगोट अर्पित करते हैं।

जिला प्रशासन ने मेले की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं-

सुरक्षा: पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया कि मेले में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस बलों की तैनाती के साथ-साथ असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।

स्वच्छता और सुविधाएं: नगर निगम ने पेयजल, शौचालय, और 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की है।

स्वास्थ्य सेवाएं: स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीम, एंबुलेंस, और प्राथमिक उपचार केंद्र की व्यवस्था की है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके।

यातायात और भीड़ प्रबंधन: भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात को सुगम बनाने के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं।

इस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय व्यंजन, और हस्तशिल्प की दुकानें भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। जिलाधिकारी ने सभी श्रद्धालुओं से मेले में उत्साहपूर्वक भाग लेने और प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करने की अपील की।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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