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नालंदा में डाक सेवाओं का बुरा हाल: स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री ठप, लोग परेशान

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में डाक सेवाओं की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। पिछले करीब 15 दिनों से जिले के 30 से अधिक डाकघर शाखाओं में स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं। इसका मुख्य कारण इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या बताया जा रहा है, जिसके चलते डाकघरों में ऑनलाइन बुकिंग संभव नहीं हो पा रही है। इस संकट ने न केवल आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं, बल्कि व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

वर्तमान में केवल बिहारशरीफ हेड पोस्ट ऑफिस में ही स्पीड पोस्ट की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन यहां भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। सुबह से ही हेड पोस्ट ऑफिस के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। स्थिति यह है कि भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि शाम चार बजे के बाद कार्य बंद कर दिया जाता है।  नतीजतन सैकड़ों लोग बिना अपना काम कराए निराश होकर लौटने को मजबूर हैं।

डाक विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही ने इस संकट को और गंभीर बना दिया है। कई डाकघरों में कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचते और जो उपलब्ध हैं, वे भीड़ को संभालने में असमर्थ दिख रहे हैं। इसके अलावा पार्सल गायब होने और डिलीवरी में देरी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक है। स्थानीय डाकघरों में इंटरनेट न होने के कारण कोई भी डाक सेवा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों को जरूरी कागजात भेजने के लिए बिहारशरीफ हेड पोस्ट ऑफिस का रुख करना पड़ रहा है, जो समय और धन दोनों की बर्बादी है।

कोर्ट-कचहरी से जुड़े दस्तावेज, बैंक नोटिस और सरकारी पत्र, जो अब केवल स्पीड पोस्ट के माध्यम से ही भेजे जाते हैं, समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे लोगों को कानूनी और वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

डाक सेवाओं के इस संकट ने लोगों को महंगे निजी कूरियर सेवाओं का सहारा लेने के लिए मजबूर कर दिया है। सामान्य दिनों में नालंदा जिले के सभी 30 डाकघरों में औसतन 3000 से अधिक स्पीड पोस्ट बुकिंग होती थीं, लेकिन अब हेड पोस्ट ऑफिस में मुश्किल से 300 से 400 बुकिंग हो पा रही हैं।

नालंदा जिले में डाक सेवाओं का यह संकट न केवल जनता की परेशानियों को बढ़ा रहा है, बल्कि डाक विभाग की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठा रहा है। अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो लोगों का डाक सेवाओं पर भरोसा और कम हो सकता है। डाक विभाग को चाहिए कि वह तकनीकी खामियों को दूर करने के साथ-साथ कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार लाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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