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राशन कार्डधारियों के लिए बड़ा मौका: अब 31 मार्च तक ऐसे करवाएं E-KYC

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। केन्द्र सरकार ने राशन कार्डधारियों के लिए इ-केवाइसी (E-KYC) कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 मार्च 2025 कर दी हैं। इसका मतलब यह हैं कि सभी राशन कार्ड धारकों को 31 मार्च 2025 तक अपने परिवार के सभी सदस्यों की इ-केवाइसी पूरी करनी होगी। सरकार ने पहले इसकी तिथि 31 दिसंबर 2024 तक निर्धारित की थी। लेकिन अब इसे बढ़ाकर मार्च तक कर दिया गया हैं। इस कदम से अब और अधिक राशन कार्ड धारकों को आसानी से इस प्रक्रिया को पूरा करने का समय मिल गया हैं।

जिले में कुल 5.47 लाख लाभुकों का राशन कार्ड हैं। जिसमें बिहारशरीफ में सबसे अधिक और कतरीसराय प्रखंड में सबसे कम लाभुक शामिल हैं। पिछले दो सालों में 48 हजार से अधिक लाभुकों का राशन कार्ड में नाम जुड़ा हैं। फिलहाल अब तक 4.36 लाख लाभुकों ने इ-केवाइसी करवाई हैं। लेकिन जो लाभुक इ-केवाइसी नहीं कराएंगे, उन्हें राशन से वंचित होना पड़ सकता हैं।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पात्र परिवारों के लिए राशन कार्ड बनाने के लिए एक ऑनलाइन रोल आधारित सॉफ्टवेयर विकसित किया गया हैं। जिसे जन वितरण अन्न (जेवीए) कहा जाता हैं। यह सॉफ्टवेयर लाभार्थियों को नया राशन कार्ड बनाने, मौजूदा राशन कार्ड को संशोधित करने और राशन कार्ड को सरेंडर करने की सुविधा प्रदान करता हैं।

इसके अतिरिक्त, यदि किसी परिवार के सदस्य अलग हो जाएं तो उनका राशन कार्ड अलग किया जा सकता हैं, और यदि कार्डधारक को राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं हैं तो वह पोर्टल के माध्यम से इसे सरेंडर कर सकता हैं। यह सॉफ्टवेयर राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली को पारदर्शी और कुशल बनाने में मदद कर रहा हैं। जिससे लाभार्थियों को अपनी जरूरतों को पूरा करने में आसानी हो रही हैं।

सरकार की यह पहल राशन कार्डधारियों के लिए सहूलियत का कारण बन रही हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद निर्धारित समय में राशन कार्ड का निर्माण या निरस्तीकरण हो रहा हैं और इसका कारण भी बताया जा रहा हैं।

ई-केवाइसी का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाना हैं। इससे न केवल सरकारी योजनाओं का सही तरीके से वितरण सुनिश्चित होगा, बल्कि इस प्रक्रिया के जरिए भ्रष्टाचार को भी रोका जा सकेगा। अब तक लगभग 4.36 लाख लाभुकों ने अपनी इ-केवाइसी करवा ली हैं। लेकिन जिन लाभुकों ने इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया, उन्हें अब राशन प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती हैं।

Nalanda Darpan

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