बिहारशरीफ नगर निगमः स्वच्छता की नई पहल, पशु आश्रय निर्माण पर जोर
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ नगर निगम ने शहर की स्वच्छता, सुरक्षा और व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हाल ही में आयोजित बोर्ड की बैठक में पशु आश्रय स्थल का निर्माण, खुले नालों को ढकने और शौचालयों के रख-रखाव जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इन पहलों से न केवल शहर का पर्यावरण स्वच्छ होगा, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा में भी वृद्धि होगी।
बिहारशरीफ नगर में अब आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शहर में एक आधुनिक पशु आश्रय स्थल का निर्माण किया जाएगा। इस आश्रय स्थल में उन पशुओं को रखा जाएगा, जिन्हें उनके मालिक खुले में छोड़ देते हैं।
नगर निगम ने यह भी तय किया है कि ऐसे पशु मालिकों से जुर्माना वसूला जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या को कम करना और शहर को सुरक्षित बनाना है।
पशु आश्रय स्थल के निर्माण के लिए नगर निगम ने गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) से प्रस्ताव मांगने का फैसला किया है। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ सकें। निगम का मानना है कि यह कदम न केवल पशुओं की देखभाल सुनिश्चित करेगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को भी कम करेगा।
शहर में खुले नालों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम ने प्रति वार्ड 7.5 लाख रुपये की लागत से नालों को ढकने की योजना को मंजूरी दी है। इस कार्य में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और निर्माण में मानक सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। निगम का दावा है कि इस योजना के पूरा होने के बाद नालों से संबंधित दुर्घटनाएं लगभग समाप्त हो जाएंगी, जिससे नागरिकों की सुरक्षा में वृद्धि होगी।
आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए, सांसद कौशलेंद्र कुमार ने शहर में समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का आह्वान किया। बोर्ड की बैठक में सभी सदस्यों से इस कार्य में सक्रिय सहभागिता की अपील की गई। इसके अतिरिक्त शहर के सभी कचरा प्वाइंट्स को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया ताकि कचरा प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा सके।
नगर निगम ने पुराने और नए शौचालयों के रख-रखाव और संचालन के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बोर्ड ने निर्णय लिया कि सभी शौचालयों की बंदोबस्ती की जाएगी। ताकि उनकी नियमित सफाई और रख-रखाव सुनिश्चित हो सके। यह कदम शहर की स्वच्छता को बढ़ावा देने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बैठक में मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा, उप नगर आयुक्त शम्स रजा, सिटी मैनेजर साकेश कुमार सिन्हा, राजस्व पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार, सहायक राजस्व पदाधिकारी अनिल कुमार सहित बोर्ड के अन्य सदस्य और निगम के पदाधिकारी मौजूद थे। सभी ने मिलकर इन योजनाओं को लागू करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।





