BPSC TRE-3 शिक्षकों की काउंसेलिंग शुरु, DRCC ऑफिस में जुटी भीड़, जानें डिटेल

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा टीआरई-3 (BPSC TRE-3) के तहत चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बहुप्रतीक्षित काउंसलिंग प्रक्रिया का आगाज नालंदा जिले के बिहारशरीफ में शुरू हो चुका है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक के निर्देशानुसार यह काउंसलिंग जिला संसाधन सह समन्वय केंद्र (डीआरसीसी) कार्यालय बिहारशरीफ में आयोजित की जा रही है। इस प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए जिला शिक्षा कार्यालय, नालंदा ने व्यापक तैयारियां की हैं। जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों की प्रतिनियुक्ति शामिल है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में काउंसलिंग प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। डीआरसीसी कार्यालय में काउंसलिंग शुरू होने से आधा घंटा पहले सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को उपस्थित होने का सख्त निर्देश दिया गया है। अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए विभिन्न प्रखंडों से पांच डाटा एंट्री ऑपरेटरों को नियुक्त किया गया है। इनमें काउंटर-01 पर कुंदन पासवान, काउंटर-02 पर राज कपूर, काउंटर-03 पर राजेश कुमार, काउंटर-04 पर अविनाश कुमार और काउंटर-05 पर जितेंद्र कुमार अपनी सेवाएं देंगे।

इसके अलावा काउंसलिंग से संबंधित सभी कार्यों की निगरानी के लिए लिपिक अशोक कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। तकनीकी सहयोग के लिए एमआईएस प्रभारी शरद कुमार पूरे काउंसलिंग अवधि के दौरान मौजूद रहेंगे।

काउंसलिंग प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए स्लॉटवार अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। प्रवेश द्वार पर ही कंप्यूटर के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की जिम्मेदारी डाटा एंट्री ऑपरेटर रीतू राज रौशन को दी गई है, जो बीआरसी बिहारशरीफ से प्रतिनियुक्त हैं। अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों और अन्य अभिलेखों के सत्यापन के लिए एक द्विसदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जिसमें जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुजीत कुमार राउत और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) आनंद शंकर शामिल हैं। यह टीम सभी संबंधित पंजियों और अभिलेखों पर हस्ताक्षर करेगी।

काउंसलिंग प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए डीआरसीसी कार्यालय में सभी आवश्यक तकनीकी और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) और लिपिक अरुण कुमार सिंह को माइक, कंप्यूटर, इंटरनेट, स्कैनर, प्रिंटर, टेबल, बायोमेट्रिक डिवाइस, पेयजल और जनरेटर जैसी सुविधाओं की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इन तैयारियों में सभी प्रतिनियुक्त कर्मचारी और अधिकारी सहयोग करेंगे।

चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान अपने सभी मूल प्रमाणपत्र, जैसे शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र, सीटेट/बीटेट प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लाने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक काउंटर पर अलग-अलग स्तर के शिक्षकों (प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक) के लिए सत्यापन और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया होगी। अभ्यर्थियों को अपने निर्धारित स्लॉट के अनुसार समय पर डीआरसीसी कार्यालय पहुंचने की सलाह दी गई है।

हालांकि काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन बीपीएससी टीआरई-3 के चयनित शिक्षकों में स्कूल आवंटन और जॉइनिंग को लेकर बेचैनी देखी जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई अभ्यर्थियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति पत्र मिले हुए डेढ़ महीने से अधिक समय बीत चुका है। लेकिन अब तक स्कूल आवंटन और जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। कुछ ने तो 5 मई को आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान सावधानी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द स्कूल आवंटित कर जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हालांकि अभ्यर्थियों की संख्या और सत्यापन प्रक्रिया की जटिलता को देखते हुए इसमें कुछ समय लग सकता है। (संपर्क सूत्र: जिला शिक्षा कार्यालय नालंदा। आधिकारिक वेबसाइट: http://bpsc.bih.nic.in)

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