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बुलेट फायर ब्रिगेड: तंग गलियों में आग से राहत की नई उम्मीद 

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। अग्निशमन दस्ता अब तंग गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगने वाली आग से निपटने के लिए एक अनूठी पहल शुरू करने जा रहा है। विभाग ने इस दिशा में तैयारी तेज कर दी है और अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो जल्द ही यह नई व्यवस्था लोगों के लिए राहत का सबब बन सकती है। इसके तहत सरकार की ओर से अग्निशमन दस्ते को बुलेट बाइक उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिसके जरिए फायर ब्रिगेड की टीम जिले की संकरी गलियों में बने मकानों और दुकानों में लगी आग को बुझाने का काम करेगी। 

विभाग के मुताबिक इस नई व्यवस्था की शुरुआत सबसे पहले शहरी क्षेत्रों से की जाएगी। नालंदा जिले के तीनों अनुमंडलों- बिहारशरीफ, राजगीर और हिलसा के शहरी इलाकों में इसे लागू करने की योजना है। जिला अग्निशमन विभाग ने इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेजा है। अब तक अग्निशमन विभाग की बड़ी गाड़ियां तंग गलियों और बाजारों में आग बुझाने में असमर्थ साबित होती थीं। लेकिन बुलेट बाइक के आने से यह समस्या काफी हद तक हल हो सकेगी।

इस नई पहल के तहत अग्निशमन विभाग एक विशेष प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम तैयार कर रहा है। जिसे बुलेट फायर ब्रिगेड नाम दिया गया है। हर बुलेट बाइक पर दो सदस्यों की टीम तैनात होगी, जो आधुनिक और विशेष उपकरणों से लैस होगी। यह टीम सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचकर आग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालेगी और मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

खास बात यह है कि गैस या पेट्रोल से लगने वाली आग की घटनाओं से निपटने के लिए इन बाइकों पर विशेष रासायनिक तरल पदार्थ भी मौजूद होंगे। इनके छिड़काव से आग को फैलने से रोका जा सकेगा। इससे न केवल आग पर काबू पाने में मदद मिलेगी, बल्कि जान-माल के नुकसान को भी कम किया जा सकेगा।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी अरविंद प्रसाद ने बताया कि इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि तंग गलियों में बने मकानों और दुकानों में अक्सर आग लगने की घटनाएं होती हैं, लेकिन बड़ी गाड़ियों के वहां पहुंचने में दिक्कत होती थी। बुलेट फायर ब्रिगेड के जरिए अब ऐसी जगहों पर तुरंत राहत पहुंचाई जा सकेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है और संसाधन उपलब्ध हो जाते हैं तो निकट भविष्य में इसकी शुरुआत हो सकती है। इससे न केवल अग्निशमन विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

बहरहाल यह पहल खास तौर पर उन इलाकों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जहां संकरी गलियां और घनी आबादी अग्निशमन कार्यों में बाधा बनती हैं। बुलेट बाइक की गतिशीलता और रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई से नालंदा जिले में अगलगी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

 

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