नगरनौसानालंदाबिग ब्रेकिंगस्वास्थ्यहिलसा

नालंदा में डेंगू ने पैर पसारा, नगरनौसा में भय का माहौल

नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में डेंगू ने तेजी से अपने पांव पसार लिए हैं। नगरनौसा, कुड़वापर और बड़ौदा गांवों में डेंगू का कहर देखने को मिल रहा है। पिछले एक पखवाड़े में इन गांवों में 25 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है।

ग्रामीणों ने बताया कि डेंगू के बढ़ते मामलों की सूचना नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रभारी को दी गई है, लेकिन अभी तक कोई मेडिकल टीम प्रभावित क्षेत्रों में नहीं पहुंची है। नतीजतन ग्रामीण निजी क्लिनिकों में इलाज कराने को मजबूर हैं। कुछ मरीजों को स्थानीय चिकित्सकों द्वारा स्लाइन चढ़ाया जा रहा है।

फिलहाल डेंगू से प्रभावित लोगों में स्वाति कुमारी (22 वर्ष), सुमन कुमारी (25 वर्ष), विकास कुमार (35 वर्ष), गोलू कुमार (20 वर्ष), पप्पू कुमार (45 वर्ष), मंजू देवी (55 वर्ष), जानकी देवी (65 वर्ष), मनकी पासवान (60 वर्ष), राजनंदन कुमार (25 वर्ष), कवि कुमार (30 वर्ष), शैलेश कुमार (40 वर्ष), रितेश कुमार (23 वर्ष), रजनीश प्रसाद (50 वर्ष), विशाल कुमार (13 वर्ष), उषा देवी (40 वर्ष), राजेश मिस्त्री (20 वर्ष), नवल किशोर (50 वर्ष), सुषमा देवी (45 वर्ष), दिव्या प्रकाश (16 वर्ष), अमन राज (9 वर्ष), चंद्रवती कुमारी (50 वर्ष), प्रमोद कुमार आजाद (58 वर्ष) की शिनाख्त हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि डेंगू के मच्छरों और उनके लार्वा को नष्ट करने के लिए अब तक कोई फॉगिंग नहीं की गई है। इससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। प्रभावित गांवों में स्वच्छता और जागरूकता की कमी के कारण डेंगू का खतरा और बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राम मोहन सहाय ने बताया कि नगरनौसा पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को प्रभावित गांवों में फॉगिंग कराने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए संबंधित विभागीय पत्र भी भेजा जा चुका है। प्रभावित गांवों में फॉगिंग को सुनिश्चित करने और इसकी विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग तत्काल मेडिकल टीम भेजकर प्रभावित मरीजों का उचित इलाज कराए। साथ ही डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए नियमित फॉगिंग और जागरूकता अभियान चलाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.