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डॉक्टर नियुक्तः चार माह बाद मॉडल सदर अस्पताल में शुरु हुआ अल्ट्रासाउंड सेंटर

Doctor appointed Ultrasound centre started in Model Sadar Hospital after four months

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण डेस्क)। नालंदा जिलाा मुख्यालय बिहारशरीफ अवस्थित मॉडल सदर अस्पताल में पिछले चार महीनों से बंद पड़े अल्ट्रासाउंड सेंटर ने आखिरकार राहत की सांस ली है। अस्पताल को स्थायी रूप से नई रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शालिका की नियुक्ति मिलने के बाद यह सुविधा दोबारा शुरू हो गई है।

इससे न केवल गर्भवती महिलाओं को, बल्कि अन्य मरीजों को भी बड़ी राहत मिली है। पहले जहां यह सेंटर सप्ताह में सिर्फ दो दिन (सोमवार और बुधवार) चलता था और केवल गर्भवती महिलाओं की जांच होती थी, वहीं अब प्रतिदिन जांच की जा रही है और चिकित्सकों की मांग पर अन्य रोगियों की अल्ट्रासाउंड भी शामिल कर ली गई है।

बताते चलें कि डॉ. शालिका से पहले इस सेंटर पर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. तारिक इमरान कार्यरत थे। डॉ. तारिक इमरान ने आगे की पढ़ाई के लिए सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था।

अस्पताल के हेल्थ मैनेजर मोहम्मद इमरान ने बताया कि सरकारी सेवा में रहते हुए डॉ. तारिक को अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने में काफी दिक्कतें आ रही थीं, जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा सौंपा। उनके इस्तीफे के बाद अल्ट्रासाउंड सेंटर करीब चार महीनों तक पूरी तरह ठप पड़ा रहा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को बाहर निजी क्लीनिकों में महंगी जांच करानी पड़ती थी।

डॉ. शालिका की स्थायी नियुक्ति के साथ ही सेंटर ने नई ऊर्जा पाई है। उनके योगदान देने के बाद से अब यहां रोजाना मरीजों की जांच हो रही है। हेल्थ मैनेजर ने आगे बताया कि डॉ. शालिका के कार्य शुरू करने के मात्र 18 दिनों में ही करीब 325 मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच पूरी की जा चुकी है। इनमें 42 होल एब्डॉमेन जांच भी शामिल हैं, जो पहले उपलब्ध नहीं थीं। इससे पेट संबंधी गंभीर बीमारियों की जल्दी पहचान संभव हो रही है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह सुविधा मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए शुरू की गई थी ताकि मां और शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, लेकिन अब अन्य मरीजों की जरूरतों को देखते हुए इसे विस्तार दिया गया है। मरीजों के परिजनों ने इस कदम की सराहना की है।

अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि डॉ. शालिका की नियुक्ति से न केवल अल्ट्रासाउंड सेंटर नियमित हुआ है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आया है। आने वाले दिनों में और अधिक आधुनिक उपकरणों को जोड़ने की योजना है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

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