खेती-बारी
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एक ही रात 11 किसानों के सिंचाई पंप की चोरी से गांव में मचा हड़कंप
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मोजफरा गांव में बीती रात अज्ञात चोरों द्वारा किसानों के सिंचाई पंप उपकरणों की चोरी ने पूरे गांव में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना में 11 किसानों की समरसेबल मोटरों के स्टार्टर चोरी हो गए हैं। जिससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह…
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28 अक्टूबर से ई-निबंधन सेवा की शुरुआत, अब घर बैठे होगी जमीन की रजिस्ट्री
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला निबंधन कार्यालय में 28 अक्टूबर से ई-निबंधन सेवा शुरू होने जा रही है। इससे जमीन की रजिस्ट्री के लिए लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। इस नई डिजिटल सेवा का मुख्य उद्देश्य लोगों को घर बैठे जमीन के दस्तावेजों की प्रक्रिया में सुविधा…
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किसानों ने जल संकट का हल अपनाया, फसल उत्पादन भी बढ़ी
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के नालंदा में जल संकट से जूझ रहे किसानों ने अपने खेतों में ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाकर नई मिसाल कायम की है। इस तकनीक से न केवल पानी की बचत हो रही है, बल्कि फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि देखी जा रही है। क्षेत्र में वर्षों…
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31 अक्टूबर तक करें फसल सहायता योजना का ऑनलाइन आवेदन
नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नगरनौसा के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है कि फसल सहायता योजना के तहत 31 अक्टूबर 2024 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल में हुई क्षति की भरपाई करना है, जो खासकर अक्टूबर-नवंबर और फरवरी-मार्च के महीने…
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खेत पटवन के दौरान करंट लगने से दो लोगों की मौत, एक अन्य गंभीर
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। खुदागंज थाना क्षेत्र अतर्गत दामू आहर में खेत पटवन के दौरान करंट लगने से तीन लोगों की जान पर बन आई। सुरेंद्र कुमार, प्रमोद चौधरी और सुनील चौधरी उस वक्त एक नंगे बिजली के तार की चपेट में आ गए, जब वे खेतों में काम कर रहे थे।…
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बिहार भू-सर्वेक्षणः जमीन विवाद सुलझाने का एक बड़ा जरिया है प्रपत्र-2 और प्रपत्र-3
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार भू-सर्वेक्षण के संदर्भ में प्रपत्र-2 और प्रपत्र-3 का महत्व अत्यधिक है। ये प्रपत्र भूमि के स्वामित्व और उपयोग को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रैयत को अपने अधिकारों को सत्यापित करने और विवादों से बचने के लिए इन दस्तावेजों को सही और समय पर जमा…
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अब मशरूम की खेती के लिए मिलेंगे 90 फीसदी सरकारी अनुदान
नालंदा दर्पण डेस्क / मुकेश भारतीय। मशरूम की खेती केवल एक पौष्टिक खाद्य सामग्री प्रदान करने के लिए जानी नहीं जाती, बल्कि यह कई आर्थिक और सामाजिक लाभों का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है। कृषि क्षेत्र में मशरूम की खेती ने न केवल किसानों की आय में वृद्धि की है, बल्कि…






