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  • The wait for Rajgir sub divisional civil court hangs in balance know the big reason

    अधर में लटका राजगीर अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का इंतजार, जानें बड़ी वजह

    राजगीर (नालंदा दर्पण)। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक राजगीर कभी विश्व की प्राचीनतम नालंदा विश्वविद्यालय का गौरव रहा है,  लेकिन आज एक अदद बुनियादी आवश्यकता अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय के लिए तीन दशकों से अधिक समय से प्रतीक्षा कर रहा है। यह लंबी प्रतीक्षा न केवल प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाती है,…

  • The dilapidated hostel of Hilsa SU College is a big alarm bell yet it is ignored

    हिलसा एसयू कॉलेज का जर्जर हॉस्टल खतरे की बड़ी घंटी, फिर भी अनदेखी!

    हिलसा (नालंदा दर्पण)। मगध विश्वविद्यालय से अलग होकर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के गठन के बाद भले ही पटना और नालंदा जिले के कॉलेजों को नई पहचान मिली हो, लेकिन हिलसा अनुमंडल के एकमात्र अंगीभूत इकाई, एसयू कॉलेज के हॉस्टल की स्थिति आज भी दयनीय बनी हुई है। वर्ष 1955 में निर्मित यह…

  • Eco-tourism corridor in Nalanda A unique confluence of employment, conservation and biodiversity

    नालंदा में इको-पर्यटन कॉरिडोर: रोजगार, संरत्क्षण और जैव विविधता का अनूठा संगम

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। क्या आपने कभी सोचा है कि नालंदा की गिद्धी झील (कमल सरोवर) और पुष्पकारिणी झील केवल जलाशय नहीं, बल्कि जैव विविधता के अनमोल रत्न और स्थानीय समुदायों के लिए आर्थिक समृद्धि का स्रोत हो सकती हैं? वन विभाग नालंदा प्रमंडल ने इन दोनों आर्द्रभूमियों के संरक्षण, पुनर्जनन और…

  • Now Rajgir Railway Over Bridge is waiting for the Chief Minister

    अब राजगीर रेलवे ओवर ब्रिज को है मुख्यमंत्री का इंतजार

    राजगीर (नालंदा दर्पण)। सपनों का सच होना आसान नहीं, पर राजगीर के लिए यह पल अब करीब है। पिछले 9 वर्षों से राजगीर-बिहारशरीफ राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच-82) पर रेलवे क्रॉसिंग की जाम की समस्या से जूझ रहे निवासियों के लिए राहत की खबर है। बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) लगभग तैयार…

  • Nalanda University The journey that started from dust is now climbing the ladder to the top

    नालंदा विश्वविद्यालय: खाक से शुरू हुआ सफर चढ़ रहा शिखर की सीढ़ी

    नालंदा दर्पण डेस्क / मुकेश भारतीय। क्या आपने कभी सोचा है कि एक स्थान कैसे सदियों तक ज्ञान का प्रतीक बन सकता है? नालंदा विश्वविद्यालय का नाम संस्कृत के ‘नाल’ (ज्ञान) और ‘अंदा’ (देने वाला) से लिया गया है। यह प्राचीन भारत में शिक्षा और बौद्धिक उत्कृष्टता का पर्याय था। पांचवीं…

  • Nav Nalanda Mahavihar: A shining star of Pali and Buddhist studies

    नव नालंदा महाविहार: पाली और बौद्ध अध्ययन का एक चमकता सितारा

    नालंदा दर्पण डेस्क / मुकेश भारतीय। क्या आपने कभी उस स्थान की कल्पना की है, जहाँ प्राचीन काल में विश्व भर के विद्वान ज्ञान की खोज में एकत्रित होते थे? जी हाँ, नव नालंदा महाविहार कभी विश्व का प्रथम आवासीय विश्वविद्यालय था। जोकि ऐसी ही एक पवित्र भूमि थी। पाँचवीं शताब्दी…

  • Bihar Sports University Rajgir is a new flight of Nalanda

    नालंदा की एक नई उड़ान है बिहार खेल विश्वविद्यालय राजगीर

    नालंदा दर्पण डेस्क। पांच पहाड़ियों से घिरा राजगीर जहां कभी भगवान बुद्ध और महावीर ने अपने उपदेशों से विश्व को आलोकित किया, आज एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। नालंदा कभी प्राचीन विश्वविद्यालय के रूप में विश्व भर के विद्वानों का केंद्र था। अब बिहार खेल विश्वविद्यालय के रूप…

  • Ganga Jal Project: Ganga water will flow in Bihar Sharif city by 2027

    Ganga Water Diversion Project: अब बिहारशरीफ नगर में बहेगी गंगा की धार

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। Ganga Water Diversion Project: नालंदा की ऐतिहासिक धरती जहां कभी प्राचीन विश्वविद्यालय की गूंज थी, आज एक आधुनिक चुनौती जल संकट से जूझ रही है। गर्मियों में सूखे नल, लंबी कतारें और पानी के लिए संघर्ष इस शहर की कहानी बन चुकी थी। लेकिन अब गंगा जल उद्वह…

  • Ghodakataora Ganga reservoir becomes a unique confluence of spirituality and tourism

    अध्यात्म और पर्यटन का अनूठा संगम बना घोड़ाकटोरा गंगा जलाशय

    राजगीर (नालंदा दर्पण)। क्या आपने कभी सोचा है कि एक जलाशय न केवल जल संकट का समाधान हो सकता है, बल्कि आध्यात्मिक और पर्यटन का केंद्र भी बन सकता है? नालंदा के घोड़ाकटोरा में गंगा जल उद्वह परियोजना के तहत निर्मित जलाशय ने यह सपना साकार कर दिखाया है। यह जलाशय…

  • Revenue mega campaign will reach every house from August 16, know the details

    16 अगस्त से हर घर दस्तक देगी बिहार राजस्व महाअभियान, जानें डिटेल

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जमीन से जुड़े दस्तावेजों को पारदर्शी और जन-सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक चलने वाला राजस्व महाअभियान न केवल भू-अभिलेखों को डिजिटल रूप से अपडेट करेगा, बल्कि आम…