सहेली संग कश्मीर घुमने गई युवती को लेकर हुई अपहरण की FIR का खुलासा

चंडी (नालंदा दर्पण)। चंडी थाना क्षेत्र से गायब हुईं दो युवतियों को पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब 15 जनवरी को पीनीपर गांव से दोनों लड़कियों के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली। परिजनों ने चंडी थाना में अपहरण की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

अपहरण की एफआईआर दर्ज होते ही चंडी थाना पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुअनि विवेक कुमार के नेतृत्व में महिला सिपाही अंशु कुमारी और चौकीदार प्रियंका कुमारी सहित टीम ने लगातार छापेमारी अभियान चलाया। कई राज्यों में सूचना का आदान-प्रदान और सतर्क निगरानी के बाद आखिरकार दोनों युवतियों को जम्मू-कश्मीर के कठुआ थाना क्षेत्र से सुरक्षित बरामद किया गया।

बरामदगी के बाद जब पुलिस ने युवतियों से पूछताछ की तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। दोनों ने बताया कि वे आपस में सहेली हैं और किसी के बहकावे में आकर नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से कश्मीर घूमने गई थीं। उनका अपहरण नहीं हुआ है और न ही किसी ने उन्हें जबरदस्ती कश्मीर जाने के लिए मजबूर किया।

परिजनों ने लड़कियों के अचानक गायब होने के बाद चिंता व्यक्त की थी। जिससे पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उनकी शिकायत के आधार पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि युवतियों के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह मामला अपहरण का नहीं था।

पुलिस टीम ने इस मामले में तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय दिया। पांच दिन की लगातार मेहनत और छापेमारी के बाद युवतियों को सुरक्षित बरामद करना पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

युवतियों के बयान के आधार पर पुलिस ने उनके परिजनों को इस मामले की सच्चाई से अवगत कराया। हालांकि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इस यात्रा के दौरान कोई अन्य संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हुई।

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी कई बार गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। वहीं पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए समय पर कार्रवाई की। कश्मीर जैसी संवेदनशील जगह पर गई इन युवतियों को सही समय पर ढूंढ निकालना पुलिस की सतर्कता और प्रतिबद्धता का परिचायक है।

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