झारखंड से आई बाढ़ की त्रासदी, जलभराव में डूबने से 3 की मौत

हिलसा/बिंद/परवलपुर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में झारखंड से आई बाढ़ और जलभराव ने कई परिवारों को गमगीन कर दिया है। अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की पानी में डूबने से मौत हो गई। इनमें से दो घटनाएँ हिलसा और बिंद थाना क्षेत्रों में जबकि तीसरी घटना परवलपुर थाना क्षेत्र में हुई। नदियों और जलाशयों में बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने इन हादसों को और घातक बना दिया।
हिलसा थाना क्षेत्र के योगीपुर पंचायत के गन्नीपुर गांव में शुक्रवार को एक दुखद हादसा हुआ। 50 वर्षीय टुनटुन जमादार लोकायन नदी के रेडी पुल के पास मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे नदी के तेज बहाव में डूबने लगे।
आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की और तुरंत नदी से निकालकर अनुमंडलीय अस्पताल हिलसा ले गए। लेकिन अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने गाँव में शोक की लहर दौड़ा दी। टुनटुन के परिवारवाले और स्थानीय लोग सदमे में हैं।
बिंद में जलभराव ने ली युवक की जान
बिंद थाना क्षेत्र के मदनचक गाँव के समीप एक और हृदयविदारक घटना सामने आई। महमुदाबाद गाँव निवासी सकुंदर बिंद के 17 वर्षीय पुत्र जितेंद्र कुमार शनिवार को घर से शौच के लिए निकले थे। देर रात तक जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की।
रविवार की सुबह राहगीरों ने देखा कि गाँव के पास पानी से लबालब भरे पइन में एक शव तैर रहा था। शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और परिजनों को सूचना दी गई। ग्रामीणों की मदद से शव को पानी से निकाला गया।
ग्रामीणों का मानना है कि शौच के बाद पानी छूने के दौरान जितेंद्र का पैर फिसल गया होगा और वे गहरे पानी में चले गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस हादसे ने पूरे गाँव को झकझोर कर रख दिया।
परवलपुर में किशोर की मौत, एनडीआरएफ ने बरामद किया शव
परवलपुर थाना क्षेत्र के गदाईचक में छिलका के पास शनिवार सुबह करीब 9 बजे एक और दुखद घटना घटी। परवलपुर बाजार निवासी ड्राइवर नरेश यादव का पुत्र 12 वर्षीय शैलेंद्र कुमार मुहाने नदी में पैर फिसलने के कारण डूब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में वह नदी के अंदर चला गया।
स्थानीय पुलिस ने गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। रविवार सुबह एनडीआरएफ ने बेन प्रखंड के लक्षमीविगहा के समीप एक पुल के पास शैलेंद्र का शव बरामद किया।
माना जा रहा है कि नदी की तेज धारा में बहकर शव इस स्थान तक पहुँच गया था। इस घटना ने नरेश यादव और उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
इन तीनों घटनाओं ने नालंदा जिले में बाढ़ और जलभराव की गंभीरता को उजागर किया है। भारी बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे गाँवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदियों और जलाशयों के पास जाने से बचने की अपील की है। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।





