
हिलसा (नालंदा दर्पण डेस्क)। छठ महापर्व की पवित्रता और उल्लास के बीच नालंदा जिले के हिलसा प्रखंड अंतर्गत लोकायन नदी में एक ऐसी दर्दनाक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया। लोकाइन में स्नान करने के दौरान चार लोगों की डूबकर मौत हो गई। इनमें से तीन की मौत मंगलवार को ही हो गई थी, जबकि चौथे लापता युवक का शव लगभग 48 घंटे बाद बुधवार सुबह मिला। यह घटना छठ घाट के ठीक नजदीक हुई, जहां सैकड़ों श्रद्धालु सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के लिए एकत्रित थे। नदी की गहराई और तेज बहाव ने खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया।
घटना की शुरुआत मंगलवार सुबह करीब 8 बजे हुई, जब छठवर्ती सूर्य को अर्घ्य देने के लिए लोग लोकायन नदी के सिपारा गांव के पश्चिमी छठ घाट पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान चार लोग नदी के गहरे पानी में फिसलकर डूब गए। स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नदी का जलस्तर सामान्य से अधिक था और बहाव भी तेज था, जिसके कारण ये लोग पानी के जाल में फंस गए। मंगलवार को ही तीन शव बरामद कर लिए गए।
लापता चौथे व्यक्ति की तलाश में एनडीआरएफ की टीम, स्थानीय गोताखोर और पुलिस लगातार जुटी रही। आखिरकार बुधवार सुबह घटनास्थल से करीब आधा किलोमीटर पूर्व दिशा में मुषाढी और मुर्गीयाचक गांव के नजदीक नदी किनारे की झाड़ियों में उसका शव अटका मिला। मृतक की पहचान नगरनौसा थाना क्षेत्र के कोरारी गांव निवासी अर्जुन साव के 19 वर्षीय पुत्र रजनीश कुमार के रूप में हुई। रजनीश छठ पर्व में परिवार के साथ शामिल होने आया था और स्नान के दौरान यह हादसा हुआ।
इस प्रकार लोकायन नदी में डूबकर मरने वालों की संख्या तीन से बढ़कर चार हो गई। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और गांवों में मातम पसरा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही हिलसा थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवक रजनीश कुमार के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। पहले तीन शवों का भी पोस्टमार्टम कराया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि नदी की गहराई और बहाव की वजह से हादसे हुए। लेकिन लापरवाही की कोई शिकायत नहीं आई है। एनडीआरएफ की टीम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। गोताखोरों ने नदी के विभिन्न हिस्सों में तलाशी ली, जिसके बाद अंतिम शव बरामद हो सका।





