
हिलसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र में रात के सन्नाटे को चीरती हुई एक कबाड़ी दुकान में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहला दिया। आग की लपटें आसमान छूने लगीं तो अफरा-तफरी मच गई। दमकल विभाग की लापरवाही से गुस्साए स्थानीय लोगों ने हंगामा कर दिया और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) की गाड़ी पर जमकर पथराव किया। इस घटना में डेढ़ लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई, जबकि सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो फरार हैं।
हिलसा थाना के ठीक पास स्थित छोटू कुमार की कबाड़ी दुकान में रात करीब 10 बजे अचानक आग लग गई। दुकान संचालक छोटू कुमार ने बताया कि मैं रोज की तरह शाम को दुकान बंद कर घर चला गया था। तभी आसपास के लोगों का फोन आया कि दुकान से घना धुआं निकल रहा है। जब मैं दौड़ते हुए पहुंचा तो देखा कि आग की लपटें इतनी तेज हैं कि आसमान तक पहुंच रही हैं। दूर-दूर तक सिर्फ धुआं और चिंगारियां ही नजर आ रही थीं।
दुकान में पुराने सामान, स्क्रैप मेटल, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं का ढेर लगा होने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेज थी कि हम घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद करने को मजबूर हो गए। पूरा इलाका धुएं से भर गया था। बच्चे-बुजुर्ग सांस लेने में हांफने लगे।
आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग को कॉल की गई, लेकिन शुरुआती प्रतिक्रिया निराशाजनक रही। पहले तीन छोटी दमकल गाड़ियां तो पहुंचीं, लेकिन उनमें रखा पानी महज कुछ मिनटों में ही खत्म हो गया। बड़ी दमकल गाड़ी खराब होने की वजह से आग पर काबू पाने में भारी देरी हुई।
गुस्साए ग्रामीणों ने चिल्लाते हुए कहा कि दमकल वाले आते तो हैं, लेकिन पानी लेकर नहीं आते। यह लापरवाही नहीं तो क्या है? भीड़ बढ़ती गई और सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। हंगामा इतना बढ़ गया कि स्थिति पुलिस के नियंत्रण से बाहर होने लगी।
इसी बीच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) की गाड़ी घटनास्थल से गुजर रही थी। भड़क चुकी भीड़ ने इसे मौका समझा और गाड़ी पर पथराव शुरू कर दिया। पथरों की बौछार से डीएसपी बाल-बाल बच गईं, लेकिन उनकी गाड़ी के शीशे टूट गए और बॉडी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
चश्मदीद गवाह ने बताया कि भीड़ में 200-250 लोग थे। वे नारे लगाते हुए दमकल विभाग और प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे थे। पथराव के दौरान कई लोग घायल भी हो गए। स्थिति बेकाबू होती देख अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पटेल ने तुरंत आसपास के थानों की फोर्स और सीआईएसएफ के जवानों को बुला लिया।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ को संभाला। इसके बाद जिला मुख्यालय से एक दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। स्थानीय लोग और दमकलकर्मी रातभर जुटे रहे। करीब चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद बुधवार सुबह 2 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। लपटें धीमी पड़ते ही इलाके वासियों ने राहत की सांस ली।
दुकान मालिक छोटू कुमार ने अनुमान लगाया कि दुकान में न तो दीप जला था, न मोमबत्ती। संभवतः पास में फूटे पटाखों की चिंगारी से आग लगी होगी। आग में करीब डेढ़ लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। छोटू ने कहा कि यह मेरी आजीविका का एकमात्र स्रोत था। अब क्या करूंगा?
हिलसा थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में सात नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मिथिलेश कुमार, मंटू कुमार, शुभम सागर, साहिल कुमार और राहुल कुमार शामिल हैं। सौरभ कुमार और मंटू यादव फरार बताए जा रहे हैं।
थानाध्यक्ष ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बाकी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले के एसएसपी ने भी मामले की कड़ी जांच के आदेश दिए हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी से मुलाकात कर दमकल विभाग की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। विभाग को सुधारना होगा वरना भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।





