नगरनौसानालंदाप्रशासनबिग ब्रेकिंगस्वास्थ्यहिलसा

नगरनौसा में डेंगू का बढ़ता आतंक, RMP के भरोसे 18 पीड़ितों की जान

नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नगरनौसा प्रखंड क्षेत्र के कुड़वापर, बडीहा रोड और नगरनौसा गांव में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दिन यहां 18 नए मरीजों की पुष्टि हुई, जिसके साथ पिछले एक पखवारे में डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि 22 मरीज ठीक हो चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश है।

ग्रामीणों का कहना है कि अब तक न तो कोई मेडिकल टीम उनके गांव पहुंची है और न ही सरकारी स्तर पर कोई ठोस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मजबूरन मरीजों को स्थानीय ग्रामीण चिकित्सकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। घर के चौकी को बेड और कमरे की लोहे की खूंटी को स्लाइन स्टैंड के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह स्थिति ग्रामीणों की लाचारी को साफ दर्शाती है।

कुड़वापर गांव के डेंगू से पीड़ित निवासी दीनानाथ साव (65 वर्ष) ने बताया कि उनके घर में उनकी पत्नी सुमित्रा देवी (60 वर्ष) और पोती आयुषी कुमारी (12 वर्ष) भी इस बीमारी की चपेट में हैं। उन्होंने नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका सरकारी मोबाइल नंबर अनुत्तरित रहा।

नगरनौसा के सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता रजनीकांत कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से लेकर सिविल सर्जन तक, कोई भी सरकारी मोबाइल पर कॉल का जवाब नहीं देता। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक सिर्फ फॉगिंग की गई है, लेकिन इलाज और दवाओं की कोई व्यवस्था नहीं है।

फिलहाल डेंगू से पीड़ित मरीजों में आयुषी कुमारी (12 वर्ष), पिंकी देवी (40 वर्ष), विवेक कुमार (27 वर्ष), रीना देवी (35 वर्ष), राजू पंडित (35 वर्ष), संटू कुमार (25 वर्ष), खुशबू कुमारी (20 वर्ष), सुमित्रा देवी (60 वर्ष), दीनानाथ साव (65 वर्ष), रूबी देवी (40 वर्ष), विकास कुमार (22 वर्ष), मनोज कुमार (55 वर्ष), अजीत कुमार (43 वर्ष), विभा कुमारी (15 वर्ष), संतोष कुमार (38 वर्ष), इरानी (39 वर्ष), नीरज कुमार (28 वर्ष), खुशी कुमारी (19 वर्ष) आदि शामिल हैं।

ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग से तत्काल मेडिकल कैंप लगाने, मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने और नियमित फॉगिंग सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

नगरनौसा में डेंगू के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की पीड़ा और उनकी अनसुनी मांगें इस बात का संकेत हैं कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की सख्त जरूरत है। क्या स्वास्थ्य विभाग इस संकट से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाएगा या ग्रामीणों को अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी होगी? यह सवाल अभी अनुत्तरित है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.