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Kalyan Bigha Indoor Shooting Range: फूस की झोपड़ी से अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। Kalyan Bigha Indoor Shooting Range: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पैतृक गाँव कल्याण बिगहा आज न केवल अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि एक ऐसी जगह के रूप में भी उभर रहा है, जहाँ से निशानेबाजी के क्षेत्र में नए सितारे चमक रहे हैं। यह कहानी है कल्याण बिगहा इंडोर शूटिंग रेंज की, जो एक फूस की झोपड़ी से शुरू होकर आधुनिक तकनीकों से लैस अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा तक का सफर तय कर चुकी है।

वर्ष 2011 में द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित डॉ. राजपाल यादव ने कल्याण बिगहा में निशानेबाजी की नींव रखी। शुरुआत में स्व. रामलखन सिंह स्मृति वाटिका के पास एक फूस की झोपड़ी में अस्थायी शूटिंग रेंज बनाई गई।

यहाँ गाँव के लड़के-लड़कियाँ एयर राइफल और एयर पिस्टल के साथ अभ्यास करते थे। इस साधारण शुरुआत में उनके सहयोगी थे दादी चंदा तोमर और शूटर मगेंद्र तोमर। उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि यह छोटा-सा प्रयास एक दिन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी छाप छोड़ेगा।

जल्द ही इस रेंज ने स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू की। प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक और फिर अन्य प्रखंडों के छात्र-छात्राएँ यहाँ प्रशिक्षण के लिए आने लगे। नालंदा की प्रीति ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और कई मेडल अपने नाम किए। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए एयर इंडिया ने उन्हें प्रायोजित किया।

इसके साथ ही पुलिस और सेना के जवान भी यहाँ प्रशिक्षण के लिए आने लगे। इस रेंज की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही एकलव्य आवासीय केंद्र की स्थापना की गई, ताकि प्रशिक्षणार्थियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।

वर्ष 2019 में कल्याण बिगहा के सामुदायिक भवन में एक नई शूटिंग रेंज का निर्माण किया गया, जिसका उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। इस रेंज ने न केवल स्थानीय युवाओं को बल्कि, पटना और अन्य जिलों के इच्छुक छात्र-छात्राओं को भी आकर्षित किया। सुविधाओं में वृद्धि के साथ शूटिंग रेंज को आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया। अब यहाँ की सारी प्रक्रियाएँ कम्प्यूटरीकृत हो चुकी हैं, जिससे प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का स्तर और ऊँचा हो गया है।

कल्याण बिगहा शूटिंग रेंज के शूटरों ने राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की। यहाँ से प्रशिक्षित सन्नी और मनराज ने शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते। पटना की अनामिका ने असम राइफल्स में शामिल होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया।

बाढ़ के भाई-बहन आरती और अभिषेक ने पैरा नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किए। जबकि पटना के रंजन कुमार को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य का खेल रत्न पुरस्कार मिला।

इन उपलब्धियों के साथ-साथ यह रेंज छात्रों की शिक्षा को भी प्राथमिकता देता है। प्रशिक्षण के दौरान उनकी पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए कल्याण बिगहा के मिडिल प्लस टू स्कूल में उनका दाखिला कराया गया। इस तरह यह रेंज न केवल खेल में, बल्कि शिक्षा और समग्र विकास में भी योगदान दे रहा है।

आज कल्याण बिगहा इंडोर शूटिंग रेंज न केवल नालंदा, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है। यहाँ से निकले शूटर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। यह रेंज न केवल खेल की सुविधाएँ प्रदान कर रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सपने देखने और उन्हें साकार करने का अवसर भी दे रही है।

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