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चरम पर शराब कारोबारः तीर्थ नहीं कोई काशी जैसा, चाहे जैसे बना लो पैसा

Liquor business at its peak No pilgrimage place is like Kashi, make money in any way you want
Liquor business at its peak: No pilgrimage place is like Kashi, make money in any way you want

कतरीसराय (नालंदा दर्पण)। ‘तीर्थ नहीं कोई काशी जैसा, चाहे जैसे बना लो पैसा’ -यह जुमला इन दिनों कतरीसराय थाना क्षेत्र में खूब चर्चा में है। खासकर शराबबंदी के बावजूद चल रहे अवैध शराब के धंधे को लेकर।

हाल के दिनों में शराबबंदी कानून को धता बताकर कुछ लोग अवैध शराब बनाने और बेचने में लिप्त हैं, जो स्थानीय पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है।

इसी कड़ी में स्थानीय कतरीसराय थाना पुलिस ने कटौना गाँव में एक बड़ी छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में विदेशी और देशी शराब बरामद की गई। छापेमारी के दौरान आरोपी पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गए।

प्राप्त समाचार के अनुसार पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कटौना गाँव स्थित रामानंद सिंह और गौतम कुमार के घरों में छापा मारा। जहां से पुलिस ने कुल 34 बोतल सिलपैक 375 एमएल अंग्रेजी शराब, दो आधी खाली बोतलें, 6 केन बीयर और 7 लीटर देशी चुलाई शराब बरामद की।

इसके साथ ही चुलाई शराब के निर्माण के लिए उपयोग होने वाले करीब 200 लीटर छोबा को नष्ट कर दिया गया।

इस छापेमारी में दौरान थानाध्यक्ष सत्यम तिवारी और एसआई आदित्य कुमार सहित दर्जनों पुलिसकर्मी मौके पर तैनात थे। यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते अवैध शराब कारोबार के खिलाफ एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

हालांकि पुलिस द्वारा लगातार ऐसी गतिविधियों पर नकेल कसने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन अहम सवाल यह है कि शराबबंदी कानून के बावजूद कैसे यह कारोबार फल-फूल रहा है?

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