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      लोदीपुर सामूहिक हत्याकांडः डीएसपी-थानेदार की लापरवाही से गई 6 लोग की जान

      बीते कल दोपहर पूर्व सुनियोजित तरीके से एक पक्ष के लोग विवादित खेत की जुताई करने लगे। इसका विरोध करते हुए दूसरे पक्ष के लोगों ने पहले पुलिस को सूचना दी। लेकिन छबिलापुर थानाध्यक्ष और राजगीर डीएसपी ने अनसुनी कर दी। छबिलापुर थानेदार ने कहा, ‘जो करना है करो, पुलिस नहीं जाएगी….’

      नालंदा दर्पण डेस्क। छबिलापुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव में बुधवार को 50 बीघा रकबे के भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में 6 लोगों की मौत हो गई, वहीं 5 लोग गंभीर रुप से जख्मी हो गए।

      Nalanda 5 killed 3 serious in fierce firing between 2 sides over 50 bigha land 1मृतकों में परशुराम यादव के 45 वर्षीय पुत्र धीरेंद्र यादव, उसका भाई 40 वर्षीय शिवला यादव, स्व. जागदेव यादव का 65 वर्षीय पुत्र जद्दू यादव, उसका 30 वर्षीय पुत्र पिंटू यादव, उसका सगा भाई 19 वर्षीय महेश यादव और स्व. रामस्वरूप यादव का 70 वर्षीय पुत्र बिंदा यादव हैं। इनमें पिता-पुत्र और दो सगे भाई भी शामिल हैं।

      वहीं गोली से जख्मी लोगों में परशुराम यादव, शंभू यादव, मंटू यादव, मिट्‌टू यादव और रोहित यादव बताया जा रहा है। जिनका ईलाज सरकारी-गैरसरकारी अस्पतालों में जारी है।

      इस वरदात से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेने का विरोध किया।

      परिजन का आरोप हैं कि कार्बाइन, राइफल, कट्टा से लैस 25-30 बदमाशों के बीच घंटों गोलीबारी की गई।

      लेकिन इसकी सूचना देने पर पुलिस मौके पर आने से इंकार कर दिया। राजगीर डीएसपी और थानेदार ने एक न सुनी।

      खबरों के मुताबिक भूमि विवाद से जुड़े दोनों पक्षों के लोगों द्वारा इस जघन्य वारदात को अंजाम देने की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। दूसरे इलाके से भाड़े पर बदमाशों (गोहार) को बुलाया गया था। इन सब की जानकारी स्थानीय पुलिस-प्रशासन तंत्र को भी थी। लेकिन सब लकवाग्रस्त रहे।

      बताया जाता है कि स्व. रामस्वरूप यादव ने दो शादियां की थी। दोनों पक्ष के लोग उन्हीं के परिवार हैं। जिनके बीच एक लंबे अरसे से 50 बिगहा खेत का विवाद चला आ रहा है। मामला कोर्ट में लंबित है। कोर्ट ने खेत जुताई पर रोक लगा रखी है।

      लेकिन बीते कल दोपहर बाद पूर्व सुनियोजित तरीके से एक पक्ष के लोग विवादित खेत की जुताई करने लगे। इसका विरोध करते हुए दूसरे पक्ष के लोगों ने पहले पुलिस को सूचना दी।

      लेकिन छबिलापुर थानाध्यक्ष और राजगीर डीएसपी ने अनसुनी कर दी। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग भी हरबे-हथियार लोकर भिड़ गए। दोनों ओर से गोलियों की बौछार की जाने लगी।

      ग्रामीणों की मानें तो इस वारदात से जुड़े दोनों पक्ष की ओर से 50 से अधिक बदमाश बाहर से जुटाए गए थे। जिनमें कई बदमाश अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे। जो वारदात को अंजाम देकर बड़े आराम से निकल गए। बाहर से अपराधियों को बुलाया गया था।

      एक मृतक के पुत्र के हवाले से खबर है कि दूसरे पक्ष के लोग विवादित खेत की जुताई कर रहे थे। जिसका विरोध करने पर भाड़े पर बुलाए गए अत्याधुनिक हथियारों से लैस करीब 30-35 बदमाशों ने गोलियों की बौछार कर दी।

      इस गोलीबारी की सूचना देने पर छबिलापुर थानेदार ने कहा कि ‘जो करना है करो, पुलिस नहीं जाएगी’। इस बाद राजगीर डीएसपी सोमनाथ प्रसाद को भी घटना की जानकारी दी गई।

      लेकिन कई घंटे इंतजार के बाद भी पुलिस नहीं आई। बदमाशों ने खदेड़-खदेड़कर परिवार के 6 सदस्यों की हत्या कर दी। जिनके शव गांव के खेत और रास्तों में बिखरे पड़े मिले।

      वहीं वारदात के करीब 3 घंटा बाद पुलिस गांव पहुंची। पुलिस बल ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने पहले उसका विरोध किया।

      आक्रोशितों का कहना था कि पहले लापरवाह राजगीर डीएसपी और छबिलापुर थानेदार पर कठोरतम कार्रवाई हो, तभी शव उठाने देंगे। इस दौरान नालंदा एसपी को शव को कब्जे में लेने के लिए घंटो मशक्कत करनी पड़ी।

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