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शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार पर NCP का हल्ला बोल, DEO का पुतला फूंका

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के जिलाध्यक्ष राजकुमार पासवान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) आनंद विजय के खिलाफ अस्पताल चौक पर पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन DEO कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार और निलंबित लिपिक फनी मोहन को संरक्षण देने के विरोध में आयोजित किया गया।

पुतला दहन के बाद NCP नेताओं ने तीखे शब्दों में जिला शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा का शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। DEO आनंद विजय पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए नेताओं ने कहा कि वे न तो जनप्रतिनिधियों से मिलते हैं और न ही शिक्षकों के फोन कॉल का जवाब देते हैं।

नेताओं ने DEO के पिछले रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि आनंद विजय के भागलपुर कार्यकाल के दौरान उन पर वित्तीय अनियमितता और थाली खरीद घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगे थे। इस संबंध में सबौर थाना (भागलपुर) में थाना कांड संख्या-34/24 दर्ज है, जिसकी जांच अभी भी चल रही है।

NCP नेताओं ने DEO पर निलंबित लिपिक फनी मोहन को अनुचित संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 3 सितंबर को फनी मोहन को वित्तीय अनियमितता और जाली वाउचर के आधार पर निलंबित किया गया था, लेकिन मात्र तीन दिनों बाद, 8 सितंबर को बिना किसी जांच के उन्हें बहाल कर दिया गया। नेताओं ने इसे भ्रष्टाचारियों को बचाने की साजिश करार दिया।

इतना ही नहीं पटना प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने 11 और 13 सितंबर को आदेश जारी कर फनी मोहन को वित्तीय कार्यों से रोकने का निर्देश दिया था। लेकिन DEO नालंदा ने इस आदेश की अवहेलना करते हुए फनी मोहन को प्रभारमुक्त नहीं किया। आरोप है कि कमीशन के बदले मरम्मती, हाउसकीपिंग और शिक्षकों के भुगतान जैसे कार्य फनी मोहन के माध्यम से कराए गए।

NCP ने जिला शिक्षा विभाग में कई अन्य अनियमितताओं का भी खुलासा किया। नेताओं ने बताया कि संस्कृत शिक्षकों की बहाली बिना विज्ञापन और नियमों की अनदेखी कर की गई। सिलाव प्रखंड के 127 शिक्षकों के नाम पर फर्जी प्री-रिसीप्ट बनाकर भुगतान किया गया। इसके अलावा जिले में करोड़ों रुपये की बेंच-डेस्क खरीद में भी नियमों का उल्लंघन किया गया, लेकिन इस पर कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई।

नेताओं ने यह भी बताया कि बिहार थाना कांड संख्या-179/25 में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। NCP ने मांग की कि शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की निगरानी विभाग से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। इसके लिए कार्यकर्ताओं ने एक मांग पत्र तैयार किया, जिसे नालंदा के जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को सौंपा गया।

इस प्रदर्शन में NCP के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल थे, जिनमें प्रो. मिथलेश कुमार, अंजीला कुमारी, स्मिता कुमारी, फिरोज खान, भोला पासवान, ब्रहमदेव पासवान, रामदेव पासवान, आरती देवी, अनिल कुमार, धर्मवीर कुमार, संजय पासवान सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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