डमी पंजीयन कार्ड अपलोड में लापरवाही से खतरे में छात्रों का भविष्य

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। आगामी इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए एक गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए जिले के 79 विद्यालयों की लापरवाही के कारण 1089 विद्यार्थियों के डमी पंजीयन कार्ड अब तक पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं। इस चूक ने न केवल विद्यार्थियों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है, बल्कि अभिभावकों और शिक्षा विभाग के बीच भी तनाव पैदा कर दिया है।
हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) आनंद विजय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को 24 घंटे के भीतर डमी पंजीयन कार्ड अपलोड करने का कड़ा निर्देश दिया है। इसके साथ ही विभागीय आदेशों की अनदेखी करने वाले प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
डीईओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं की गई तो संबंधित विद्यालयों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने लापरवाही बरतने वाले 79 विद्यालयों की सूची तैयार कर ली है और प्रत्येक विद्यालय को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी लापरवाही बरती गई तो विद्यालयों की मान्यता पर भी सवाल उठ सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब जिले के विद्यालयों ने पंजीयन प्रक्रिया में लापरवाही दिखाई है। इससे पहले मैट्रिक परीक्षा 2026 के लिए डमी पंजीयन कार्ड अपलोड करने में भी देरी हुई थी। पहले चरण में 111 विद्यालयों ने 2160 विद्यार्थियों के हस्ताक्षरित डमी पंजीयन कार्ड अपलोड नहीं किए थे। इसके बाद बोर्ड ने समय सीमा बढ़ाकर 14 सितंबर 2025 कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद 78 विद्यालयों के 1043 विद्यार्थियों के कार्ड अब तक अपलोड नहीं हुए हैं। रविवार 14 सितंबर 2025 को अपलोडिंग की अंतिम तिथि तय की गई है और विभाग ने इस बार कोई ढिलाई नहीं बरतने की बात कही है।
इस लापरवाही का सबसे बड़ा खामियाजा विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। कई विद्यार्थियों को यह तक नहीं पता कि उनका डमी पंजीयन कार्ड अपलोड हुआ है या नहीं।
अभिभावकों ने शिकायत की है कि स्कूल प्रबंधन न तो समय पर जानकारी दे रहा है और न ही इस समस्या का कोई समाधान सुझा रहा है। उनका कहना है कि हमने स्कूल में कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। हमारे बच्चों का भविष्य दांव पर है, और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही हमें परेशान कर रही है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी विद्यार्थियों का पंजीयन समय पर पूरा हो।
लापरवाही करने वाले विद्यालयों की सूची में कई प्रमुख नाम शामिल हैं, जिनमें एसएस बालिका हाई स्कूल बिहारशरीफ, राजकीय हाई स्कूल राणा बिगहा, पीएल साहू प्लस टू उच्च विद्यालय, सर्वोदय हाई स्कूल सोहसराय, आदर्श प्लस टू हाई स्कूल, आरबी हाई स्कूल नालंदा, एसएस अकादमी एकंगरसराय, प्रोजेक्ट गर्ल्स उच्च माध्यमिक विद्यालय खिरौना, उच्च माध्यमिक विद्यालय नूरसराय, प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल सरमेरा, प्लस टू बापू हाई स्कूल चंडी, प्लस टू कांग्रेस हाई स्कूल दशरथपुर और हाई स्कूल नानन्द नालंदा जैसे विद्यालय शामिल हैं।
बता दें कि डमी पंजीयन कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसमें विद्यार्थी की व्यक्तिगत जानकारी, जैसे- नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, विषय चयन और अन्य विवरण शामिल होते हैं। इस कार्ड का सत्यापन होने के बाद ही विद्यार्थी का अंतिम पंजीयन पूरा होता है और एडमिट कार्ड जारी किया जाता है। यदि यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती, तो विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने से वंचित होना पड़ सकता है। यही कारण है कि शिक्षा विभाग ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है और विद्यालयों पर दबाव बढ़ाया है।
शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल अपने छात्रों से संपर्क करें और उनके डमी पंजीयन कार्ड की अपलोडिंग सुनिश्चित करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे अपने स्कूलों के साथ संपर्क में रहें और यह सुनिश्चित करें कि उनका पंजीयन समय पर पूरा हो।





