बिहारशरीफ सदर अस्पताल के इन कर्मियों पर नहीं हुई कार्रवाई

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ नगर के एक निजी क्लीनिक में नवजात की मौत के मामले में एक सप्ताह बाद भी सदर अस्पताल के एक डॉक्टर, तीन आशाकर्मी एवं तीन गार्ड की सेवा समाप्त कर कार्रवाई की गयी है। जबकि, अन्य 8 आशा, एंबुलेंस चालक व कर्मी पर कार्रवाई करने में सीएस डॉ. अविनाश कुमार सिंह दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। रुपए वसूलने वाले एंबुलेंस कर्मियों की जांच कर त्वरित कार्रवाई करने का भी आदेश ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

बता दें कि डीएम शशांक शुभंकर और डीडीसी वैभव श्रीवास्तव ने पूरे घटनाक्रम व इस तरह के अवैध कार्यों में संलिप्त कर्मियों व बिचौलियों के नाम के साथ जांच रिपोर्ट भेज कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उनके आदेश पर भी यहां के अधिकारी भारी पड़ रहे हैं। कार्रवाई नहीं होने से प्रसव कक्ष व एसएनसीयू के पास फिर बिचौलिए मंडराने लगे हैं।

सीएस ने बताया कि विभाग द्वारा एसएनसीयू के डॉ अंजय कुमार को सस्पेंड ,रहुई प्रखंड की रिंकू देवी, मिनता देवी व बिहारशरीफ प्रखंड की अंजु देवी को सेवामुक्त करते हुए एफआईआर की गयी है। अन्य मामलों में रिंकू को पूर्व में ही सेवामुक्त कर दिया गया था।

इधर, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी पुलिस अब तक किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जबकि, सभी आरोपित कर्मी अपने आप को बेकसूर साबित करने के लिए अस्पताल और जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय के पास दिनभर मंडराते रहते हैं।

बताया जाता है कि आशा कर्मी रिंकू देवी, संजु कुमारी, सुनीता सिन्ह, रंजु देवी, प्रिति कुमारी, अंजु कुमारी, इंदु कुमारी, फूला देवी, शोभा कुमारी, पिंकु राय, आशा फैसिलिटेटर मिनता देवी, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक सज्जाद हुसैन, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक सुनील कुमार, सुरक्षा गार्ड हरेंद्र कुमार, सनम देवी और टुन्नी देवी को भी सेवामुक्त करने का आदेश मिला था।

उल्लेखनीय है कि अस्थावां थाना क्षेत्र के मौलाना बिगहा गांव के युवराज कुमार की पत्नी दिव्या कुमारी का 17 जनवरी को सदर अस्पताल में सिजेरियन प्रसव हुआ था। प्रसव के बाद नवजात की तबीयत खराब होने पर डॉक्टर ने उसे एसएनसीयू में भर्ती कराने को कहा। वहां तैनात डॉक्टर ने नवजात की गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। नवजात के परिजन उसे हायर सेंटर ले जा रहे थे।

इसी दौरान एक आशा कर्मी ने बहला-फुसलाकर नवजात को बिहारशरीफ रांची रोड स्थित एसएनसीयू में तैनात डॉक्टर के ही निजी क्लीनिक में भर्ती करवा दिया था। 21 जनवरी को नवजात ने दम तोड़ दिया। परिजन ने क्लीनिक संचालक पर 50 हजार रुपए लेने की बात कही थी।

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