नालंदाबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफशिक्षा

अब सभी स्कूलों की सुरक्षा को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी

इस गाइडलाइन का उद्देश्य न केवल बच्चों की शारीरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि उन्हें मानसिक, सामाजिक और डिजिटल रूप से भी सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है...

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्य के सभी सरकारी, गैर सरकारी एवं निजी विद्यालयों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक गाइडलाइन जारी की है। परिषद ने इस गाइडलाइन को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को भेजा है, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी विद्यालयों में इसका सख्ती से पालन कराया जाए।

गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक स्कूल भवन में चहारदीवारी का होना अनिवार्य है। कक्षाओं में पंखे सुव्यवस्थित ढंग से लगे होने चाहिए, ताकि छात्रों को सुविधा हो। इसके अतिरिक्त हर विद्यालय में एक आपातकालीन निकासी द्वार (Emergency Exit) अवश्य होना चाहिए। जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जा सके।

राज्य परियोजना निदेशक मयंक वरवड़े द्वारा जारी इस पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि यह गाइडलाइन भारत के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में तैयार की गई है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा इसे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है।

गाइडलाइन में बच्चों की व्यक्तिगत सुरक्षा पर भी विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत छात्रों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाने, उनके व्यवहार की मॉनिटरिंग करने तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश शामिल हैं।

विद्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा किट अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच और छात्रों को व्यापक स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

इसके अलावा स्कूलों को आपदा प्रबंधन योजना तैयार रखने और समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे आपात स्थिति में शिक्षक और छात्र दोनों सतर्क रहें।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.