आवागमनखोज-खबरतकनीकफीचर्डबिग ब्रेकिंग

पटना जंक्शन से पुनपुन होते दनियावां तक जल्द दौड़ेगी पैसेंजर ट्रेन

नालंदा दर्पण डेस्क। पटना और इसके आसपास के क्षेत्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जटडुमरी से दनियावां होते हुए शेखपुरा तक की नई रेललाइन बनकर तैयार हो गई है और जल्द ही इस मार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने वाला है। करीब 24 किलोमीटर लंबी इस रेललाइन का विद्युतीकरण कार्य तेजी से चल रहा है, जो 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार सितंबर 2025 से पटना जंक्शन से पुनपुन के जटडुमरी जंक्शन और दनियावां होते हुए शेखपुरा तक पैसेंजर ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू हो जाएगा।

यह रेललाइन नेउरा-दनियावां-बिहारशरीफ-शेखपुरा प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम करना है। पिछले साल कोलकाता पूर्वी सर्किल के संरक्षा आयुक्त सुबोमोय मित्रा ने इस रेलमार्ग पर 128 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाकर सफल ट्रायल किया था। ट्रायल के बाद उन्होंने इस मार्ग पर ट्रेन परिचालन के लिए हरी झंडी दे दी थी।

इस रेललाइन पर जटडुमरी और दनियावां के बीच फजलचक और तोपसरथुआ स्टेशन बनाए गए हैं, जबकि मराची, बैजूबिगहा और गौसपुर में हॉल्ट स्टेशन का निर्माण किया गया है। यह नई रेललाइन न केवल स्थानीय यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि मालगाड़ियों और नॉन-स्टॉप पैसेंजर ट्रेनों के आवागमन को भी आसान बनाएगी।

इस परियोजना के तहत हावड़ा और गया लाइन की कुछ ट्रेनों को जटडुमरी जंक्शन पर शिफ्ट किया जाएगा, जिससे पटना-किऊल रेलमार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। खासकर दक्षिण बिहार के यात्रियों को इस नई रेललाइन से काफी सुविधा होगी।

गया से पटना आने वाली सभी ट्रेनों का ठहराव जटडुमरी जंक्शन पर होगा। इसके अलावा यदि पटना-किऊल लाइन पर किसी कारणवश रेल परिचालन बाधित होता है तो ट्रेनों को दनियावां-नेउरा लाइन के रास्ते डायवर्ट किया जा सकेगा।

नेउरा-दनियावां-बिहारशरीफ-बरबीघा-शेखपुरा रेल परियोजना का लक्ष्य मुगलसराय से पटना जंक्शन आने वाली ट्रेनों को शहर से पहले नेउरा से जटडुमरी होते हुए दनियावां के रास्ते हावड़ा तक ले जाना है। इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 42.2 किलोमीटर है, जिसमें से 24 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष 18.2 किलोमीटर रेललाइन, जो जटडुमरी से नेउरा तक है, दिसंबर 2025 तक पूरी होने की उम्मीद है।

इस नई रेललाइन के शुरू होने से नालंदा, बिहारशरीफ और शेखपुरा के निवासियों को पटना और हावड़ा के बीच यात्रा करने में काफी सहूलियत होगी। खासकर पुनपुन और दनियावां के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अब आसानी से रेल सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। यह रेलमार्ग न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी योगदान देगा।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.