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20 जून से पटरी पर दौड़ेगी पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस

इस नई वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से उत्तर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय कम होगा, यात्रियों को बेहतर सुविधा और तेज सेवा मिलेगी। खास तौर पर छात्र, व्यवसायी और मेडिकल यात्रियों के लिए यह ट्रेन वरदान साबित हो सकती है।

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। पूर्वी भारत के यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बहुप्रतीक्षित पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस अब 20 जून से पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार है। रेलवे प्रशासन इसकी भव्य शुरुआत की तैयारी में जुट गया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सेमी-हाईस्पीड ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

रेलवे सूत्रों की मानें तो इस्ट सेंट्रल रेलवे ने उद्घाटन समारोह के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से समय मांगा है और इस कार्यक्रम की रूपरेखा भी लगभग तय हो चुकी है। उद्घाटन समारोह पाटलिपुत्र जंक्शन पर आयोजित होगा, जहां से ट्रेन को औपचारिक रूप से रवाना

पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को खास तौर पर आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रेलवे ने इसकी समय सारिणी भी तय कर दी है। यह ट्रेन सुबह 6:00 बजे ट्रेन गोरखपुर से रवाना होगी। रास्ते में बेतिया, नरकटियागंज और मुजफ्फरपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन दोपहर तक पटना पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन पाटलिपुत्र स्टेशन से रात 9:00 बजे रवाना होकर गोरखपुर लौटेगी।

जानकारी के मुताबिक पहले इस वंदे भारत ट्रेन को प्रयागराज रूट पर चलाने की योजना थी। लेकिन वहां अब 16 कोच की नई रैक पहुंच चुकी है। ऐसे में इस ट्रेन को पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत पाटलिपुत्र-गोरखपुर रूट पर चलाने का निर्णय लिया गया है। ट्रेन की रैक फिलहाल गोरखपुर यार्ड में तैयार की जा रही है, और इस सप्ताह इसका ट्रायल रन भी प्रस्तावित है।

गौरतलब है कि हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने गोरखपुर और बेतिया दौरे के दौरान इस वंदे भारत सेवा की घोषणा की थी। इसके बाद से ही इस रूट पर ट्रेन चलाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई थी।

इस नई वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से उत्तर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय कम होगा, यात्रियों को बेहतर सुविधा और तेज सेवा मिलेगी। खास तौर पर छात्र, व्यवसायी और मेडिकल यात्रियों के लिए यह ट्रेन वरदान साबित हो सकती है।

20 जून को पटरी पर उतरने जा रही पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस पूर्वी भारत में यात्री रेल सेवा की दिशा में एक नई क्रांति का संकेत है। अब सभी की नजरें प्रधानमंत्री कार्यालय की मंजूरी पर टिकी हैं। यदि सब कुछ तयशुदा योजना के अनुसार हुआ तो यह ट्रेन बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा के मायनों को ही बदल देगी।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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