आठ साल में आधा अधूरा भी नहीं बन सका है राजगीर आरओबी

राजगीर (नालंदा दर्पण)। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक नगर राजगीर में रेलवे ओवर ब्रिज बन रहा है। इसका निर्माण 2016 में शुरू हुआ था। लेकिन 2024 में भी बनने की उम्मीद नहीं है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। फिलहाल निर्माण कार्य महीनों से बन्द है।

शहर के राजगीर-बिहारशरीफ मुख्य पथ फोरलेन पर रेलवे गुमटी के पास यातायात को सुगम बनाने के लिए नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के द्वारा ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इस रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण जब शुरू हुआ था, तब स्थानीय लोगों और पर्यटकों में काफी उत्साह था।

उन्हें विश्वास था कि रेलवे क्रॉसिंग से उन्हें मुक्ति मिल जाएगी और ओवर ब्रिज से यातायात सुगम हो जाएगा। लेकिन अब स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों का उम्मीद भी टूटने लगा है।

पैसेंजर रेलगाड़ी हो या मालगाड़ी उसके आने-जाने दौरान रेलवे गुमटी बंद रहने से तीर्थ यात्रियों, देशी-विदेशी पर्यटकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। परेशानी से बचने के लिए ओवर ब्रिज निर्माण कराने का फैसला लिया गया था। निर्माण कार्य की शुरू हुए आठ साल बीत गये हैं। लेकिन निर्माण एजेंसी और प्रशासनिक लापरवाही से काम अब तक पूरा नहीं हुआ है।

यह निर्माण कार्य कब पूरा होगा, इसका जबाब किसी के पास नहीं है। दूसरी तरफ रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण में हो रहे लेट लतीफी से निर्माण की राशि भी साल दर साल बढ़ती जा रही है।

दरअसल, वर्ष 2016 में शुरू किये गये इस प्रोजेक्ट का निर्माण तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्माण कंपनी गायत्री को दिया गया था। लेकिन कंपनी की लापरवाही और उपेक्षा नीति के कारण आठ साल बाद भी यह प्रोजेक्ट आधा अधूरा ही है। इस निर्माण कंपनी पर सरकारी नियंत्रण बेअसर है।

जानकार बताते हैं कि जापान की जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा नेशनल हाईवे 82 को फोरलेन में तब्दील करने के लिए धन जुटाना गई है। शुरुआती दौर में इसका बजट 1408 करोड़ का था।

निर्माण कंपनी की लापरवाही से सड़क और आरओबी के निर्माण में हो रही साल दर साल बिलंब के कारण इसके बजट में गुणात्मक वृद्धि 2100 से अधिक हो गया है।

सरकार-जनता की उम्मीदों पर फिर रहा पानी: बिहारशरीफ-राजगीर हिसुआ गया फोरलेन (नेशनल हाईवे- 82 ) में एकमात्र रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण राजगीर में हो रहा है। कंपनी की लापरवाही से सरकार और जनता दोनों के उद्देश्य पर पानी फिर रहा है।

राजगीर के रेलवे गुमटी पर दिनभर जाम की समस्या बनी रहती है। खासकर उस समय जब अप और डाउन दोनों तरफ से बारी बारी से रेलगाड़ियों का परिचालन होने लगता हैं, तब यात्री वाहनों, निजी वाहनों, पर्यटक वाहनों और मालवाहक वाहनों की लम्बी कतार लग जाती है। बाइक और ई रिक्शा वाले अलग होते हैं। जनहित में राजगीर में निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा की जानी चाहिए

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नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »
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