चालू नहीं हो सका राजगीर रोपवे सेवा, जानें क्या है दिक्कत, कब होगी शुरु
राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक राजगीर रोपवे सेवा को सुरक्षा और रखरखाव के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह सेवा अब 13 जुलाई तक संचालित नहीं होगी। जिससे पर्यटकों को विश्वशांति स्तूप तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना होगा।
इसकी पुष्टि करते हुए प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि यह कदम पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है। रोपवे के रस्सियों को बदलने और नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (NDT) जांच के लिए यह बंदी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि रखरखाव का कार्य 5 जुलाई से शुरू हो चुका था और इसे 10 जुलाई तक पूरा करने की योजना थी। हालांकि तकनीकी जांच में अपेक्षा से अधिक समय लगने के कारण अब इसकी समय सीमा बढ़ाकर 13 जुलाई कर दी गई है।
दीपक कुमार ने कहा कि प्रबंधन पर्यटकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहते। यह रखरखाव कार्य दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
बता दें कि यह बंदी ऐसे समय में हुई है, जब राजगीर में पर्यटकों की संख्या अपने चरम पर होती है। राजगीर का रोपवे न केवल विश्वशांति स्तूप तक पहुंचने का सबसे सुविधाजनक साधन है, बल्कि यह पहाड़ियों के मनोरम दृश्यों का अनुभव भी प्रदान करता है।
8 सीटर आधुनिक केबिन के साथ इसकी लोकप्रियता में पिछले कुछ वर्षों में काफी वृद्धि हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन 1500 से अधिक पर्यटक इस रोपवे का उपयोग करते हैं।
वहीं रोपवे सेवा के बंद होने के दौरान पर्यटकों को विश्वशांति स्तूप तक पहुंचने के लिए फिलहाल पारंपरिक पैदल मार्ग का उपयोग करना होगा। यह मार्ग समय लेने वाला हो सकता है। लेकिन प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण का आनंद लेने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।
प्रबंधन ने सुझाव दिया है कि पर्यटक इस दौरान पैदल मार्ग का उपयोग कर राजगीर की प्राकृतिक छटा का लुत्फ उठा सकते हैं।रखरखाव और जांच कार्य पूर्ण होने के बाद रोपवे सेवा 14 जुलाई 2025 से नियमित समय पर फिर से शुरू हो जाएगी। पर्यटकों से अनुरोध किया गया है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट या सूचनाओं पर नजर रखें।





