नववर्ष पर बंद रहेगा राजगीर जू-नेचर सफारी, वन विभाग का बड़ा फैसला

राजगीर (नालंदा दर्पण)। नववर्ष का स्वागत करने राजगीर आने की योजना बना रहे हजारों पर्यटकों के लिए एक अहम सूचना सामने आई है। वन विभाग ने प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए 1 जनवरी को राजगीर स्थित जू सफारी और नेचर सफारी को पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब नववर्ष पर ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी राजगीर में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ने की संभावना रहती है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नववर्ष के मौके पर जू सफारी और नेचर सफारी में क्षमता से कई गुना अधिक पर्यटक पहुंच जाते हैं, जिससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था चरमराती है बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगता है। पिछले वर्षों में हुई अव्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों को देखते हुए इस बार एहतियातन यह कड़ा कदम उठाया गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जू सफारी और नेचर सफारी सीमित क्षमता पर संचालित होती हैं। अनियंत्रित भीड़ की स्थिति में दुर्घटना, अफरा-तफरी और वन्यजीवों को नुकसान की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए 1 जनवरी को दोनों सफारी स्थलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
हालांकि, पर्यटकों के लिए राहत की बात यह है कि राजगीर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल नववर्ष के दिन सामान्य रूप से खुले रहेंगे। पर्यटक विश्व प्रसिद्ध विश्व शांति स्तूप, ऐतिहासिक वेणु वन, पांडू पोखर, राजगीर कुंड, रोपवे और पास स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नालंदा के प्राचीन खंडहरों का भ्रमण कर सकेंगे। ये स्थल बौद्ध परंपरा, इतिहास और आध्यात्मिक पर्यटन के लिहाज से देश-विदेश में ख्यात हैं।
राजगीर बिहार का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जहां खासकर सर्दियों और नववर्ष के दौरान पर्यटकों की भारी आमद देखी जाती है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना सोच-समझकर बनाएं, वैकल्पिक पर्यटन स्थलों का आनंद लें और स्थानीय प्रशासन व वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 2 जनवरी से जू सफारी और नेचर सफारी अपने सामान्य समय पर पुनः खोल दी जाएंगी। ऐसे में जो पर्यटक सफारी का लुत्फ उठाना चाहते हैं, वे एक दिन बाद अपनी योजना तय कर सकते हैं।





