नालंदाराजगीर

राजगीर का तीन दशकीय सफर, विकास की नई ऊंचाइयों की ओर

राजगीर (नालंदा दर्पण)।  23 जून 2025 को राजगीर अनुमंडल ने अपने 32 वर्षों की शानदार यात्रा पूरी की है। यह सफर संघर्ष, संकल्प और सफलता की प्रेरणादायक कहानी है। शून्य से शुरू होकर राजगीर ने प्रशासनिक स्थायित्व, शिक्षा, खेल, पर्यटन और आधारभूत संरचनाओं के विकास में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

23 जून 1993 को तत्कालीन प्रभारी डीएम सह डीडीसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह गंगवार द्वारा अनुमंडल की स्थापना की अधिसूचना पढ़ी गई थी। इन तीन दशकों में राजगीर ने न केवल अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, बल्कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, धार्मिक और पर्यटकीय दृष्टि से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।

राजगीर अनुमंडल की स्थापना के शुरुआती वर्षों में कई चुनौतियां थीं। प्रशासनिक ढांचे की कमी, आधारभूत संरचनाओं का अभाव और जनसुविधाओं की अपर्याप्तता ने विकास के मार्ग में बाधाएं खड़ी की थीं। अनुमंडल कार्यालय का शुभारंभ जिला परिषद के अतिथिशाला में हुआ और बाद में इसे स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्र प्रदर्शन केंद्र (एफडीसी) में स्थानांतरित किया गया।

धीरे-धीरे शासन-प्रशासन के अथक प्रयासों से राजगीर एक स्थायी प्रशासनिक केंद्र के रूप में उभरा। आज यहां निबंधन, खाद्य आपूर्ति, श्रम, राजस्व, शिक्षा, कृषि, भूमि सुधार, स्वास्थ्य और नगर परिषद जैसे सभी प्रमुख विभागों के केंद्र स्थापित हैं। जहां पहले दो नगर निकाय थे। वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण अपने अंतिम चरण में है, जो क्षेत्र के विकास को और गति प्रदान करेगा।

राजगीर अनुमंडल ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। यहां नालंदा विश्वविद्यालय, नव नालंदा महाविहार सम विश्वविद्यालय, नालंदा खुला विश्वविद्यालय और बिहार खेल विश्वविद्यालय जैसे चार शीर्ष शिक्षण संस्थान स्थापित हैं।

बिहार खेल विश्वविद्यालय देश का पहला खेल विश्वविद्यालय है, जो युवाओं को खेल विज्ञान, कोचिंग और प्रशिक्षण में उच्च शिक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान, बिहार पुलिस अकादमी, सीआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र, राजकीय डिग्री कॉलेज, आईटीआई, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, सैनिक स्कूल, डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय, अतिपिछड़ा आवासीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय जैसे संस्थान शिक्षा की पहुंच को और व्यापक बनाते हैं। इन संस्थानों ने राजगीर को शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में स्थापित किया है।

पर्यटन के क्षेत्र में राजगीर का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर प्रमुखता से दर्ज है। आकाशीय रज्जू मार्ग (रोपवे) का नवीनीकरण, घोड़ाकटोरा झील का सौंदर्यीकरण, नेचर सफारी, जू सफारी, ग्लास ब्रिज, सस्पेंशन ब्रिज, गुरुद्वारा और राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (आरआईसीसी) के निर्माण ने इसे पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाया है।

ये सुविधाएं न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं। राजगीर का प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व इसे बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल बनाता है।

राजगीर अनुमंडल में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन इसकी सफलता का एक प्रमुख आधार रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं ने न केवल जनसुविधाओं को बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

राजगीर अनुमंडल अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। प्रस्तावित योजनाओं को धरातल पर उतारने की आवश्यकता है ताकि यह क्षेत्र राष्ट्रीय आदर्श अनुमंडल के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सके। आधारभूत संरचनाओं का और विस्तार, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नवीन परियोजनाएं, और शिक्षा व खेल के क्षेत्र में और अधिक निवेश इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे।

राजगीर अनुमंडल की 32 वर्षों की यात्रा एक प्रेरणादायक कहानी है। यह क्षेत्र न केवल अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है, बल्कि प्रशासनिक स्थायित्व, शिक्षा, खेल और पर्यटन में अपनी उपलब्धियों के लिए भी प्रसिद्ध है। चुनौतियों को अवसरों में बदलते हुए राजगीर ने विकास के पथ पर मजबूत कदम बढ़ाए हैं। आने वाले वर्षों में यह अनुमंडल नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है, और यह नालंदा जिले का गौरवशाली हृदय बना रहेगा।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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