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निबंधन विभाग की बड़ी कार्रवाई, ज़मीन रजिस्ट्री में धांधली का भंडाफोड़

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने वाले ज़मीन रजिस्ट्री घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। नालंदा जिले में निबंधन विभाग ने ज़मीन और मकानों की रजिस्ट्री में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतों पर जांच शुरू की थी, जो अब खुलासे और वसूली के रूप में सामने आ रही है।

जांच में सामने आया कि कई मामलों में व्यावसायिक भूमि को आवासीय भूमि दिखाकर और बहुमंजिला इमारतों को एक मंजिला बताकर ज़मीन की रजिस्ट्री कराई जा रही थी। यह न केवल नियमों का उल्लंघन था, बल्कि इससे राज्य को भारी राजस्व का नुकसान भी हुआ।

जिला अवर निबंधक अजय कुमार झा ने बताया कि विगत 50 दिनों में 1869 ज़मीनों की खरीद-बिक्री हुई। इनमें से 849 मामलों की जांच की गई, जिनमें से 12 मामलों में फर्जीवाड़ा सामने आया। इन मामलों में पक्षकारों ने जानबूझकर दस्तावेज़ों में गलत जानकारी दी थी।

इन गड़बड़ियों के आधार पर 18 लाख 31 हजार 640 रुपए की वसूली की गई। इसके अलावा 8 अन्य मामलों में गलत स्थल दिखाकर निबंधन कराने की कोशिश की गई, जिससे विभाग ने 1 लाख 96 हजार 940 रुपए की अतिरिक्त वसूली की।

जांच की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए जिला निबंधन कार्यालय ने अब प्रत्येक रजिस्ट्री से पहले स्थल का भौतिक निरीक्षण अनिवार्य कर दिया है। निबंधक अजय कुमार झा ने बताया कि इस कदम से भविष्य में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा।

स्टाफ द्वारा संदिग्ध प्लॉटों पर खुद जाकर जांच की गई, जहां दस्तावेज़ों में बताए गए विवरण भौतिक सत्यापन में गलत पाए गए। इस गड़बड़ी के आधार पर विभाग ने 16 लाख 34 हजार 700 रुपए की और वसूली की है।

अब तक की कुल वसूली की राशि 36 लाख 63 हजार 280 रुपए है। निबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार या धोखाधड़ी किसी भी स्तर पर पाई गई तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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