खोज-खबर
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महिलाओं ने संभाली ई-रिक्शा की कमान, राजगीर की सड़कों पर दिखी आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर
राजगीर (नालंदा दर्पण)। कभी जिन महिलाओं को केवल घर की चारदीवारी तक सीमित कर दिया जाता था, आज वही महिलाएं समाज की सोच बदलने की अगुवाई कर रही हैं। समय के साथ बदली मानसिकता और बढ़ते अवसरों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का हौसला दिया है। इसका सशक्त उदाहरण आज वैश्विक…
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निगरानी की सुस्त चाल पर सवालः 11 साल बाद भी अधूरी जांच, फर्जी शिक्षकों का मामला फिर गरमाया
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में फर्जी शिक्षकों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। हैरानी की बात यह है कि पटना हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद 11 वर्षों बाद भी फर्जी शिक्षकों की जांच पूरी नहीं हो सकी है। इस दौरान अधिकारी बदले, आदेश बदले, लेकिन व्यवस्था…
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HC-CS के आदेशों की धज्जियाँ, स्कूल मैदान में फिर लगा डिज्नीलैंड मेला!
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। बिहार में अगर उच्च न्यायालय (HC) और प्रधान सचिव (CS) के आदेश भी ज़मीनी स्तर पर मज़ाक बन जाएं तो सवाल सिर्फ एक मेला का नहीं रह जाता, बल्कि सवाल कानून के अस्तित्व और सुशासन की साख का बन जाता है। नालंदा जिले के इस्लामपुर से सामने आया…
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सिलाव बाइपास फोरलेन पर डिवाइडर बना मछली मंडी, बच्चे मछलियाँ तौल रहे, प्रशासन मौन!
सिलाव (नालंदा दर्पण संवाददाता)। सरकार राजगीर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने की लाख कोशिशें कर रही हों, लेकिन सिलाव बाइपास फोरलेन की हकीकत कुछ और ही बयाँ कर रही है। चार लेन की चमचमाती सड़क के ठीक बीचों-बीच बने डिवाइडर पर अब मछली मंडी सजने लगी है। तस्वीरें खुद गवाह हैं…
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यूं भगवान भरोसे चल रहा हैं नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र!
नगरनौसा (नालंदा दर्पण संवाददाता)। सरकार स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने का दावा भले ही करती रहे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही है। फिलहाल नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे चलता दिख रहा है। यहाँ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर धनेश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरनौसा न आकर पटना के…
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प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के दानदायी गांवों की खोज अभियान ठप
राजगीर (नालंदा दर्पण संवाददाता)। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय का संचालन करीब 200 गांवों के सहयोग से होता था। इसका उल्लेख चीनी यात्री इ-त्सिंग ने अपने यात्रा-वृत्तांत में विस्तार से किया है। उनके अनुसार राज्य की ओर से ये गांव विश्वविद्यालय को दानस्वरूप प्राप्त हुये थे। उनसे आय, अनाज, श्रम व संसाधन उपलब्ध…
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बाढ़ हो या सूखा, खस की खेती कर खुशहाल बन सकते हैं किसान
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण डेस्क)। नालंदा जिले समेत दक्षिण बिहार के कई इलाकों में किसानों की फसलों को बाढ़ डुबो देती हैं या सूखे चौपट कर देती हैं, वहां अब एक ऐसी फसल उगाई जा सकती हैं, जो न बाढ़ से डरती हैं, न सूखे से। उसका नाम हैं खस (वेटीवर)। इस्लामपुर…
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राजगीर जू सफारी की रौनक बने शेर के 4 शावक, अब यहां शेरों की संख्या 11 हुई
नालंदा दर्पण डेस्क। राजगीर जू सफारी पर्यटकों के लिए अब पहले से अधिक आकर्षक बन गया हैं। सफारी प्रशासन द्वारा शेर प्रजनन कार्यक्रम में उल्लेखनीय सफलता हासिल करने के बाद चार स्वस्थ शावकों को उनके माता-पिता के साथ विशाल जंगलनुमा इनक्लोजर में छोड़ दिया गया हैं। अब आम पर्यटक भी इन…
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गजब! 53 साल बाद भी किराया के मकान में चल रहा है जिला शिक्षा कार्यालय
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण संवाददाता)। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में 53 वर्ष बाद भी एक अदद जिला शिक्षा कार्यालय नहीं मिल सका हैं। भले ही विकास के मामले में नालंदा जिला कई कीर्तिमान स्थापित किए हों, लेकिन ज्ञान की भूमि नालंदा को अब तक एक शिक्षा भवन तक नहीं मिलना हैंरानी की…
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5G या कुछ और? नालंदा में मैना पक्षियों की मौतों से लोगों में दहशत
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण संवाददाता)। इन दिनों समूचे नालंदा जिले के ग्रामीण व शहरी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से आम मैना (मैना पक्षी) की अचानक हो रही मौतों ने लोगों के होश उड़ा रखे हैं। खेतों में, सड़क किनारे, तालाबों के पास, पेड़ों की डालियों पर और बिजली के तारों पर…









