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हीरो एशिया कप ड्यूटी छोड़ NDA सम्मेलन की भीड़ बनी CDPO पर गंभीर आरोप

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। गिरियक सह कतरीसराय बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) श्वेता कुमारी पर गंभीर आरोपों का साया मंडरा रहा है। नालंदा जिले में महत्वपूर्ण खेल आयोजन राजगीर हीरो एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में ड्यूटी पर तैनात होने के बावजूद श्वेता कुमारी ने अपनी जिम्मेदारी को दरकिनार कर घोषरामा आशापुरी मंदिर परिसर में आयोजित एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत की। यह घटना न केवल उनकी कर्तव्यनिष्ठा पर सवाल उठाती है, बल्कि उनके खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को भी और गंभीर बनाती है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार श्वेता कुमारी पर आंगनबाड़ी सेविकाओं से हर माह 3 से 4 लाख रुपये की अवैध वसूली करने का आरोप है। यह राशि कथित तौर पर सुपरवाइजर के माध्यम से प्रत्येक सेविका से लगभग ₹3200 की दर से वसूली जाती है। इस रकम का बंटवारा क्लर्क और डाटा ऑपरेटर की मिलीभगत से होता है, जो अंततः जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ) तक पहुंचती है।

सूत्रों का दावा है कि इस अवैध कमाई ने श्वेता कुमारी को पावापुरी हॉस्पिटल मोड़ के पास जमीन खरीदने में सक्षम बनाया, जिससे उनकी अकूत संपत्ति की चर्चा जोरों पर है।

घटना के दिन एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में गिरियक क्षेत्र से आए नेताओं, मंत्रियों और विधायकों के लिए नाश्ते और अन्य व्यवस्थाओं का इंतजाम किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब भ्रष्टाचार की कमाई को सुरक्षित रखने और राजनीतिक संरक्षण हासिल करने की कोशिश का हिस्सा है।

एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बात की और बताया कि यह आम बात हो गई है कि सरकारी योजनाओं का पैसा गलत हाथों में जाता है। लेकिन इस तरह खुले तौर पर ड्यूटी छोड़कर राजनीतिक आयोजनों में शामिल होना शर्मनाक है।

आंगनबाड़ी सेविकाएं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य के लिए काम करती हैं। वह इस अवैध वसूली की सबसे बड़ी शिकार हैं। एक सेविका ने बताया कि हमें हर महीने पैसे देने पड़ते हैं, नहीं तो नौकरी का डर दिखाया जाता है। यह पैसा कहां जाता है, हमें नहीं पता, लेकिन हमारी मेहनत की कमाई पर डाका डाला जा रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जिलाधिकारी और बिहार के मुख्यमंत्री से अपील की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि यह सिर्फ एक अधिकारी की बात नहीं है। यह एक संगठित तंत्र है, जो सरकारी योजनाओं को खोखला कर रहा है। अगर अब कार्रवाई नहीं हुई तो भ्रष्टाचार और गहरा जाएगा।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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