बिहार जमीन सर्वे
- खेती-बारी
बिहार में जमीन अदला-बदली को मिली वैधानिक मान्यता, रैयतों को मिलेगी राहत
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार राज्य में चल रहे जमीन सर्वे के बीच एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, जिससे लाखों रैयतों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब दो रैयतों के बीच मौखिक सहमति से की गई जमीन की अदला-बदली को भी वैधानिक रूप से मान्यता दी जाएगी। इस महत्वपूर्ण…
- गाँव-जवार
बिहार जमीन सर्वे के लिए स्वघोषणा की समय सीमा बढ़ाने पर विचार
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार में चल रहे जमीन सर्वे के तहत स्वघोषणा की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि स्वघोषणा की मौजूदा समय सीमा 31 मार्च, 2025 तक है। लेकिन इसे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि मंत्री…
- गाँव-जवार
CM नीतीश के आगमन से पहले लालटेन लेकर सड़क पर उतरीं महिलाएं
“मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने नालंदा दौरे के दौरान विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण करेंगे। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि उनकी यात्रा के दौरान कोई शिकायत सामने न आए। इसी बीच उनके खिलाफ महिलाएं लालटेन लेकर मुहिम छेड़ दी है… सिलाव (नालंदा दर्पण)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 15 जनवरी को…
- खेती-बारी
बिहार जमीन सर्वेः उत्तराधिकारियों के स्वामित्व को लेकर नई गाइडलाइन जारी
“यह नई गाइडलाइन राज्य के लाखों रैयतों के लिए राहतभरी खबर है, जो वर्षों से अपने स्वामित्व अधिकारों को लेकर संघर्ष कर रहे थे। अब पारदर्शी और प्रभावी प्रक्रिया के जरिए भूमि स्वामित्व तय होगा… बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि सर्वेक्षण और स्वामित्व से जुड़ी…
- खेती-बारी
बिहार जमीन सर्वे: भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग ने मालिकाना हक पर जारी की नई गाइडलाइन
“इस गाइडलाइन के आने के बाद जमीन विवादों में कमी आने और जमीन खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है… बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार में जमीन से जुड़े विवादों को सुलझाने और जमीन मालिकाना हक को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चल रहे व्यापक भूमि सर्वेक्षण के बीच राज्य…
- गाँव-जवार
Bihar Special Land Survey: तीन माह आगे टला बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण का काम
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण (Bihar Special Land Survey) के नए नियमों का उद्देश्य भूमि मालिकों और रैयतों के अधिकारों की सुरक्षा करना है। इन नए नियमों के अंतर्गत रैयतों को अपनी भूमि से संबंधित दस्तावेज़ तैयार करने और सत्यापन के लिए तीन महीने का समय दिया गया है।…
- नालंदा
दादी की जमाबंदी में रकबा सुधार नहीं हुआ तो डीएम के जनता दरबार में पहुंचे पत्रकार
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। एक तरफ जहां बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री की घोषणाएं रैयतों में फील गुड पैदा कर रही हैं, वहीं पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा में ही बिहारशरीफ अंचलाधिकारी का निकम्मापन उतना ही फील बैड के रुप में सामने आया है। अंचलाधिकारी कहां रहते…
- खोज-खबर
बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण के दौरान अमीनों को कैथी लिपि प्रशिक्षण के मायने?
नालंदा दर्पण डेस्क। कैथी लिपि, जिसे मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश के अतीत में प्रयोग किया जाता था, एक प्राचीन लेखन प्रणाली है। इसका उद्भव 15वीं शताब्दी के आसपास हुआ माना जाता है और इसे हिंदी भाषा के लिए एक प्रमुख लिपि के रूप में विकसित किया गया। कैथी…
- खेती-बारी
बिहार भू-सर्वेक्षणः जमीन विवाद सुलझाने का एक बड़ा जरिया है प्रपत्र-2 और प्रपत्र-3
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार भू-सर्वेक्षण के संदर्भ में प्रपत्र-2 और प्रपत्र-3 का महत्व अत्यधिक है। ये प्रपत्र भूमि के स्वामित्व और उपयोग को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रैयत को अपने अधिकारों को सत्यापित करने और विवादों से बचने के लिए इन दस्तावेजों को सही और समय पर जमा…
- खोज-खबर
बिहार भूमि विशेष सर्वे कार्य : रैयतों में अफरातफरी और भ्रांतियों का माहौल
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिले में हाल के बिहार भूमि विशेष सर्वे कार्य (Bihar Land Special Survey Work) ने लोगों के बीच भ्रांतियों और अफरातफरी का माहौल बना दिया है। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे गलत दावों ने आम रैयतों के मन में असुरक्षा और अनिश्चितता का…









