बिहार भूमि सर्वे
- खेती-बारी
बिहार भूमि सर्वे: बोले मंत्री- बढ़ेगी वंशावली-स्वघोषणा जमा करने की तिथि
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने बिहार भूमि सर्वे के तहत स्वघोषणा और वंशावली जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाने के संकेत दिए हैं। वर्तमान में इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित है। मंत्री ने कहा कि पोर्टल पर स्वघोषणा और वंशावली अपलोड करने…
- खेती-बारी
बिहार भूमि सर्वे: गैरमजरूआ जमीन के लिए नई गाइडलाइन, जानें किसे मिलेगा फायदा
“यह गाइडलाइन भूमि सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल भूमि विवादों का समाधान होगा, बल्कि समाज के कमजोर और भूमिहीन वर्गों को न्याय और अधिकार दिलाने में भी मदद मिलेगी… बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार में भूमि सुधार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए…
- गाँव-जवार
भूमि सर्वेक्षण शिविर में रैयतों को बंदोबस्ती की मिली विस्तृत जानकारी
नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। भूमि बंदोबस्ती और विशेष सर्वेक्षण से संबंधित जानकारी प्रदान करने के उदेश्य से नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य रैयतों को उनकी भूमियों से संबंधित जानकारी को सही ढंग से दर्ज कराने और भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया को…
- गाँव-जवार
Bihar Special Land Survey: तीन माह आगे टला बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण का काम
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण (Bihar Special Land Survey) के नए नियमों का उद्देश्य भूमि मालिकों और रैयतों के अधिकारों की सुरक्षा करना है। इन नए नियमों के अंतर्गत रैयतों को अपनी भूमि से संबंधित दस्तावेज़ तैयार करने और सत्यापन के लिए तीन महीने का समय दिया गया है।…
- खोज-खबर
बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षणः जानें अमीनों की कैथी लिपि कक्षा में क्या होगा?
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण का उद्देश्य भूमि संबंधी विवादों को हल करना, भूमि का उचित मूल्यांकन करना और भूमि उपयोग की योजना को सुसंगत बनाना है। इस प्रक्रिया में अमीनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि वे उन सर्वेक्षणों को संपन्न करते हैं जो भूमि की वास्तविक स्थिति…
- खोज-खबर
बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण के दौरान अमीनों को कैथी लिपि प्रशिक्षण के मायने?
नालंदा दर्पण डेस्क। कैथी लिपि, जिसे मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश के अतीत में प्रयोग किया जाता था, एक प्राचीन लेखन प्रणाली है। इसका उद्भव 15वीं शताब्दी के आसपास हुआ माना जाता है और इसे हिंदी भाषा के लिए एक प्रमुख लिपि के रूप में विकसित किया गया। कैथी…
- खोज-खबर
बिहार भूमि विशेष सर्वे कार्य : रैयतों में अफरातफरी और भ्रांतियों का माहौल
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिले में हाल के बिहार भूमि विशेष सर्वे कार्य (Bihar Land Special Survey Work) ने लोगों के बीच भ्रांतियों और अफरातफरी का माहौल बना दिया है। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे गलत दावों ने आम रैयतों के मन में असुरक्षा और अनिश्चितता का…
- खोज-खबर
बिहार भूमि विशेष सर्वेक्षणः कैथी भाषा में लिखे दस्तावेज बनी बड़ी समस्या
नालंदा दर्पण डेस्क / मुकेश भारतीय। बिहार भूमि विशेष सर्वेक्षण का महत्व न केवल ऐतिहासिक दृष्टिकोण से है, बल्कि यह वर्तमान समय में ग्रामीण रैयतों के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। यह सर्वेक्षण बिहार के भूमि प्रशासन में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य भूमि के सही और सटीक रिकॉर्ड की…
- गाँव-जवार
Bihar Land Survey Work: हिलसा में 100 वर्ष बाद सोमवार से शुरू होगा भूमि सर्वेक्षण कार्य
हिलसा (नालंदा दर्पण)। Bihar Land Survey Work: हिलसा अंचल में भूमि सर्वेक्षण का कार्य सोमवार से 100 वर्ष बाद प्रारंभ होने जा रहा है। जिसमें अंचल के सभी 15 पंचायत के कुल 59 मौजों में भूमि सर्वेक्षण का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए नालंदा जिला बंदोबस्त पदाधिकारी उदिता…








