Friday, January 23, 2026
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    भूमि सर्वेक्षण शिविर में रैयतों को बंदोबस्ती की मिली विस्तृत जानकारी

    नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। भूमि बंदोबस्ती और विशेष सर्वेक्षण से संबंधित जानकारी प्रदान करने के उदेश्य से नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य रैयतों को उनकी भूमियों से संबंधित जानकारी को सही ढंग से दर्ज कराने और भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया को समझाने पर केंद्रित था।

    शिविर में मौजूद सर्वेक्षण अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि रैयतों को प्रपत्र-2 में अपनी भूमि का विवरण भरना होगा, जिसे वे या तो शिविर कार्यालय में जमा कर सकते हैं या विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के अंतर्गत भू-धारकों को अपनी भूमि की जानकारी के साथ वंशावली और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे, जैसे भूमि खरीद, रैयती अधिकार या न्यायालय के आदेश से संबंधित प्रमाण।

    शिविर की प्रभारी पूजा कुमारी ने कहा, “सभी रैयतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे समय पर अपने दस्तावेज जमा करें और किसी भी असमंजस की स्थिति में सर्वेक्षण अधिकारियों से सहायता प्राप्त करें।” उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्रपत्र-2 में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही होनी चाहिए ताकि भविष्य में भूमि विवादों से बचा जा सके।

    इस अवसर पर डीसीएलआर हिलसा, प्रखंड प्रमुख रंजू देवी और सीओ सत्येन्द्र कुमार ने भी शिविर में उपस्थित लोगों के सवालों के उत्तर दिए और उन्हें भूमि सर्वेक्षण से जुड़े कर्तव्यों और अधिकारों के बारे में जानकारी दी। शिविर में बड़ी संख्या में भू-स्वामी और रैयत शामिल हुए और अधिकारियों द्वारा सुझाए गए समाधान से संतुष्ट दिखे।

    Mukesh Bhartiyhttps://nalandadarpan.com/
    वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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