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मंत्री ने CO को लगाई फटकार- ‘काम करने आए हैं या पैसा वसूली करने’!

बेन (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के बेन प्रखंड कार्यालय सभागार में उस समय माहौल पूरी तरह बदल गया, जब आपदा पीड़ितों के बीच चेक वितरण कार्यक्रम में पहुंचे स्थानीय विधायक एवं ग्रामीण विकास सह परिवहन मंत्री श्रवण कुमार अचानक सख्त तेवर में नजर आए। मंच से उतरकर मंत्री ने अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर खुलेआम सवाल उठाए और बेन अंचलाधिकारी (CO) समेत कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।

मंत्री श्री कुमार ने साफ और दो-टूक शब्दों में कहा-‘अगर काम नहीं करना है तो बता दीजिए। आप जनता की सेवा के लिए आए हैं, पैसा वसूली के लिए नहीं।’ मंत्री की इस तल्ख टिप्पणी से सभागार में सन्नाटा छा गया। अंचलाधिकारी सौरभ कुमार मंत्री के सीधे सवालों पर असहज दिखे और कुछ देर के लिए हक्का-बक्का रह गए।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री के सामने यह मुद्दा खुलकर आया कि विधानसभा चुनाव के समय से ही बेन अंचल कार्यालय में कथित घूसखोरी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जो अब तक थमी नहीं हैं। पंचायतों से आए लोगों ने आरोप लगाया कि बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं होता और जो मोटी रकम देता है, उसका गलत काम भी सही हो जाता है।

इन आरोपों पर मंत्री ने अंचलाधिकारी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि रैयतों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगवाए जाएं और अंचल कार्यालय को बिचौलियों, दलालों व भ्रष्टाचार से मुक्त रखा जाए। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अंचल में हो रही अनियमितताओं से वे भली-भांति अवगत हैं और शिकायतों को हल्के में नहीं लिया जाएगा।

जब मंत्री ने अंचल से संबंधित शिकायतों की फाइलें और रिकॉर्ड रजिस्टर मंगवाने को कहा, तो बड़ा बाबू टाल-मटोल करते नजर आए और रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर पाए। इस पर मंत्री ने कर्मचारियों को भी आड़े हाथों लिया, लेकिन अंचलाधिकारी के प्रति उनकी नाराजगी ज्यादा गंभीर दिखी।

प्रमुख पति लक्ष्मण प्रसाद ने मंत्री के सामने आरोप लगाया कि मालगुजारी रसीद में ‘जीरो-जीरो सुधार’ के लिए दिया गया फाइल अंचल कार्यालय से गायब कर दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पंचायत में पदस्थापित महिला राजस्व कर्मचारी कंचन कुमारी से सवाल करने पर वह रोने लगती हैं, जिससे लोग अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते।

करजारा गांव से आए एक पीड़ित ने बताया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर घर बनाने वाले के खिलाफ बार-बार शिकायत के बावजूद अंचलाधिकारी टाल-मटोल करते रहे, जिससे उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। कार्यक्रम में ऐसे कई लोग मौजूद थे, जो भूमि विवाद और राजस्व से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे थे।

मंत्री श्रवण कुमार ने अंत में साफ कहा कि अगर आगे भी ऐसी शिकायतें मिलीं, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जनता का भरोसा तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

अब सवाल यह है कि मंत्री की इस सार्वजनिक फटकार के बाद बेन प्रखंड कार्यालय और अंचल कार्यालय की कार्यशैली में वास्तव में सुधार होगा या नहीं। फिलहाल, मंत्री के सख्त रुख ने स्थानीय लोगों में यह उम्मीद जरूर जगा दी है कि उनकी शिकायतें अब नजरअंदाज नहीं की जाएंगी।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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