हिलसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा और शेखपुरा के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और पटना-किऊल रेलखंड पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए जटडुमरी से दनियावां होते हुए शेखपुरा तक नई रेललाइन बनकर तैयार हो गई है। यह 24 किलोमीटर लंबी रेललाइन नेउरा-दनियावां-बिहारशरीफ-शेखपुरा प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हावड़ा-दिल्ली मुख्य लाइन पर भीड़भाड़ को कम करना है।
इस रेललाइन के विद्युतीकरण का कार्य 90 फीसदी पूरा हो चुका है और सितंबर 2025 से इस मार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है।
इस रेललाइन का निर्माण नेउरा-दनियावां-बिहारशरीफ-बरबीघा-शेखपुरा प्रोजेक्ट के तहत किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पटना जंक्शन से हावड़ा और गया की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करना है। इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 42.2 किलोमीटर है, जिसमें से 24 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है।
जटडुमरी से नेउरा तक शेष 18.2 किलोमीटर रेललाइन का निर्माण दिसंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के तहत जटडुमरी और दनियावां के बीच फजलचक और तोपसरथुआ स्टेशन बनाए गए हैं, जबकि मराची, वैजूबिगहा और गौसपुर में हॉल्ट का निर्माण किया गया है।
पिछले साल कोलकाता पूर्वी सर्किल के संरक्षा आयुक्त सुबोमोय मित्रा ने इस रेललाइन पर 128 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाकर ट्रायल किया था। ट्रायल के बाद उन्होंने ट्रेन परिचालन के लिए हरी झंडी दे दी थी। यह रेललाइन न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि मालगाड़ियों के आवागमन को भी आसान बनाएगी।
इस नई रेललाइन के शुरू होने से कई महत्वपूर्ण लाभ होंगे-
पटना-किऊल मार्ग पर कम दबाव: इस वैकल्पिक मार्ग के जरिए पटना-किऊल रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव कम होगा, जिससे ट्रेनों का परिचालन अधिक सुचारू होगा।
हावड़ा और गया लाइन की ट्रेनों का स्थानांतरण: कुछ ट्रेनों को हावड़ा और गया लाइन से जटडुमरी जंक्शन पर शिफ्ट किया जाएगा, जिससे मुख्य लाइन पर भीड़ कम होगी।
दक्षिण बिहार के यात्रियों को सुविधा: दक्षिण बिहार के रहने वाले लोगों को इस बाइपास मार्ग से यात्रा करने में आसानी होगी।
वैकल्पिक मार्ग की उपलब्धता: यदि पटना-किऊल लाइन पर कोई रुकावट आती है, तो ट्रेनों को नेउरा-दनियावां लाइन के रास्ते संचालित किया जा सकेगा।
जटडुमरी जंक्शन पर ठहराव: गया से पटना आने वाली सभी ट्रेनें जटडुमरी जंक्शन पर रुकेंगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को लाभ होगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2025 तक पूरी तरह से अंतिम रूप देने का लक्ष्य है। जटडुमरी से नेउरा तक शेष रेललाइन का निर्माण पूरा होने के बाद यह प्रोजेक्ट पूर्ण रूप से कार्यान्वित हो जाएगा। यह नई रेललाइन न केवल स्थानीय लोगों के लिए यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगी।
यह रेललाइन नालंदा और शेखपुरा के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही यह रेललाइन पटना जंक्शन पर ट्रेनों की भीड़ को कम करने में मदद करेगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध सेवा मिल सकेगी।





