विशिष्ट शिक्षकों को बड़ी राहत, वेतन निर्धारण की प्रक्रिया शुरू

इस निर्णय से नालंदा जिले के विशिष्ट शिक्षकों को राहत मिली है। वर्षों से वेतन निर्धारण की प्रक्रिया लंबित रहने से शिक्षकों को जहां आर्थिक असमर्थता का सामना करना पड़ रहा था, वहीं अब इस प्रक्रिया के शुरू होने से न केवल उनकी समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी अधिक सुचारु और नियोजित रूप लेगी।

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के विशिष्ट शिक्षकों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित वेतन निर्धारण की प्रक्रिया आखिरकार पटरी पर आ गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) आनंद शंकर ने इस दिशा में अहम कदम उठाते हुए जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे न केवल शिक्षकों को वित्तीय स्थायित्व मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमितता भी आएगी।

सेवा पुस्तिका में होगी योगदान की प्रविष्टिः जारी आदेश के अनुसार अब सभी विशिष्ट शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में उनके योगदान की विधिवत प्रविष्टि की जाएगी। इसके बाद HRMS पोर्टल पर उनका वेतन निर्धारण और पे-एंटिटेलमेंट सेट किया जाएगा।

इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सुसंगत बनाने के लिए प्रत्येक शिक्षक का वेतन निर्धारण प्रपत्र तीन प्रतियों में तैयार करना अनिवार्य होगा। एक प्रति विद्यालय में, दूसरी BEO कार्यालय में और तीसरी स्थापना शाखा में सुरक्षित रखी जाएगी।

दस्तावेजों की होगी गहन जांचः डीपीओ स्थापना ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने शिक्षकों के संशोधित वेतन निर्धारण प्रपत्रों को आवश्यक अभिलेखों एवं सेवा पुस्तिका के साथ संबंधित बीईओ कार्यालय में अविलंब जमा करें।

बीईओ इन दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच कर सत्यापन के बाद उन्हें हस्ताक्षरित कर स्थापना शाखा को भेजेंगे। निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विवरणी में कोई भी त्रुटि न हो, ताकि पोर्टल पर वेतन सेट करते समय किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न उत्पन्न हो।

नियोजित शिक्षकों की पुस्तिका में होगी एंट्रीः डीपीओ ने कहा कि जो शिक्षक पूर्व में स्थानीय निकाय से नियोजित थे और अब विशिष्ट शिक्षक बने हैं, उनकी विवरणी पुरानी सेवा पुस्तिका में ही अंकित की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेवा पुस्तिका किसी भी परिस्थिति में शिक्षक के पास नहीं रहेगी, इसकी अभिरक्षा विद्यालय स्तर, बीईओ कार्यालय और स्थापना शाखा द्वारा की जाएगी।

वेतनवृद्धि पर सख्त दिशानिर्देशः वित्त विभाग के प्रावधानों का पालन करते हुए, शिक्षकों को साल में केवल एक बार ही वेतनवृद्धि का लाभ मिलेगा। यदि किसी शिक्षक ने जनवरी से जून के बीच योगदान दिया है तो वेतनवृद्धि की तिथि 1 जनवरी मानी जाएगी।

वहीं जुलाई से दिसंबर के बीच योगदान करने वालों की वेतनवृद्धि 1 जुलाई को लागू होगी। इस दिशा में बीईओ, प्रधानाध्यापक और शिक्षक विशेष सावधानी बरतेंगे, ताकि एक ही वर्ष में एक से अधिक वेतनवृद्धि का लाभ न मिले।

निगेटिव लिस्ट के आधार पर मिलेगा वेतनः स्थापना कार्यालय मास्टर डाटा तैयार करेगा, जिसके आधार पर हर माह निगेटिव लिस्ट बनाई जाएगी। यही सूची वेतन भुगतान का आधार बनेगी। निगेटिव लिस्ट में मास्टर डाटा का क्रमांक और संबंधित शिक्षक का प्राण नंबर (PRAN No.) अंकित करना अनिवार्य होगा, ताकि किसी तरह का अनियमित भुगतान रोका जा सके।

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