
नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नगरनौसा प्रखंड के चंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत रामघाट बाजार में मंगलवार की रात अज्ञात चोरों ने एक किराना दुकान में सेंधमारी कर लाखों रुपये की चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोरों ने बाजार में स्थित अजय किराना दुकान को निशाना बनाया और दुकान की 10 इंच मोटी पक्की दीवार में सेंध लगाकर लगभग 40000 रुपये नकद, सिगरेट, काजू, गुटखा सहित डेढ़ लाख रुपये से अधिक मूल्य का किराना सामान चुरा लिया।
पीड़ित दुकानदार अजय कुमार ने बताया कि मंगलवार की रात हमेशा की तरह दुकान बंद कर वह अपने घर चले गए। बुधवार की सुबह करीब 9 बजे जब वह दुकान खोलने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि दुकान की पीछे की दीवार में बड़ा छेद किया गया है। दुकान के अंदर रखा 40000 रुपये नकद और सिगरेट, काजू, गुटखा सहित अन्य किराना सामान गायब था। अजय के अनुसार चोरी गए सामान की कुल कीमत डेढ़ लाख रुपये से अधिक है।
घटना की सूचना मिलते ही चंडी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने पीड़ित दुकानदार से घटना की विस्तृत जानकारी ली और आसपास के क्षेत्र में छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से दीवार में सेंध लगाकर चोरी को अंजाम दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रामघाट बाजार में रात के समय चौकीदार की ड्यूटी नहीं होने का फायदा चोर उठा रहे हैं। इस बाजार में पहले भी कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन इसके बावजूद चौकीदार की तैनाती नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार की सुरक्षा के लिए रात में चौकीदार की नियुक्ति की जाए। ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
इस घटना के बाद रामघाट बाजार के अन्य दुकानदारों में दहशत का माहौल है। दुकानदारों का कहना है कि रात के समय बाजार में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से चोरों का मनोबल बढ़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस से इस मामले में त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
चंडी थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा और चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
संपादकीय टिप्पणी: रामघाट बाजार में बार-बार हो रही चोरी की घटनाएं स्थानीय पुलिस-प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती हैं। यह जरूरी है कि बाजार की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जाए।







