Wednesday, February 11, 2026
अन्य

    राजगीर में स्वतंत्र यातायात थाना बनाने की मांग, जानें बड़ी वजह

    राजगीर (नालंदा दर्पण)। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध राजगीर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और नालंदा विश्वविद्यालय जैसे वैश्विक स्तर के संस्थानों के लिए जाना जाता है। लेकिन इस शहर की सड़कों पर व्याप्त यातायात अराजकता ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

    लेकिन सड़कों पर ट्रैफिक सिग्नल का अभाव, अनियंत्रित पार्किंग और ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति ने राजगीर को यातायात के मामले में बदहाल बना दिया है। यह स्थिति न केवल स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और खिलाड़ियों के लिए भी असुरक्षित और असुविधाजनक साबित हो रही है।

    राजगीर की सड़कों पर यातायात नियमों का पालन लगभग न के बराबर होता है। प्रमुख चौराहों पर न तो ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं और न ही नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती होती है।

    नतीजतन सड़कों पर अराजकता का माहौल रहता है। मनमानी पार्किंग और जाम की समस्या ने शहर की मुख्य सड़कों को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पैदल यात्रियों को सड़क पार करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जबकि छोटे-बड़े वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।

    वर्तमान में राजगीर में यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी राजगीर थाना पुलिस के पास है। लेकिन अधिकांश समय पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी से अधिक मोबाइल फोन पर व्यस्त दिखाई देते हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

    यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है, जब हम राजगीर के महत्व को देखते हैं। नालंदा विश्वविद्यालय, खेल विश्वविद्यालय, बिहार पुलिस अकादमी, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और रग्बी व हॉकी चैंपियनशिप जैसे आयोजनों के कारण राजगीर में हर साल लाखों पर्यटक और खिलाड़ी आते हैं। ऐसे में यातायात व्यवस्था की यह लापरवाही शहर की छवि को धूमिल कर रही है।

    राजगीर की बढ़ती लोकप्रियता और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करना अब समय की मांग है।

    स्वतंत्र यातायात थाना की स्थापना: राजगीर में एक समर्पित यातायात थाना स्थापित किया जाए, जो विशेष रूप से ट्रैफिक प्रबंधन पर ध्यान दे।

    आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल: शहर के प्रमुख चौराहों पर स्वचालित और आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएं, जो यातायात को व्यवस्थित करने में सहायक हों।

    प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती: प्रशिक्षित और समर्पित ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को प्रमुख चौराहों और सड़कों पर तैनात किया जाए।

    आधारभूत संरचनाओं का विकास: सड़कों का चौड़ीकरण, पार्किंग स्थलों का निर्माण और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

    निगरानी और जवाबदेही: ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

    राजगीर की गरिमा और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए लोगों का मुख्यमंत्री से आग्रह है कि यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। एक स्वतंत्र यातायात थाना और आधुनिक यातायात सुविधाओं की स्थापना से न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि राजगीर आने वाले पर्यटकों और खिलाड़ियों को भी एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहर का अनुभव होगा।

    Nalanda Darpanhttps://nalandadarpan.com/
    नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    आपकी खबरें