
कतरीसराय (एस. भारती/नालंदा दर्पण)। कतरीसराय थाना क्षेत्र में सामने आए कथित अपहरण और फिरौती के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। जांच में यह मामला किसी आपराधिक अपहरण का नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा निकला। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस युवक के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी, वही युवक प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा पाया गया।
पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र के अहियाचक गांव निवासी भोला प्रसाद वर्मा के पुत्र चंदन कुमार ने 21 जुलाई 2026 को अपने छोटे भाई शिव कुमार के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि शिव कुमार सुबह पटना दवा लाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस की शरण ली।
इसी बीच उसी रात करीब 12:45 बजे चंदन कुमार के मोबाइल पर शिव कुमार के नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को साइबर थाना का कर्मी बताते हुए दावा किया कि शिव कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे छोड़ने के एवज में 2.50 लाख रुपये एक बैंक खाते में जमा कराने की मांग की गई। परिजनों ने भय और दबाव में आकर बताए गए खाते में राशि भी भेज दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कतरीसराय थाना पुलिस ने तत्काल तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले, जिनसे स्पष्ट हुआ कि पूरा घटनाक्रम फर्जी अपहरण और फिरौती वसूलने की पूर्व नियोजित साजिश थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कथित अपहृत शिव कुमार स्वयं साइबर ठगी गिरोह के संपर्क में था। वह कथित रूप से छह प्रतिशत कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था। इसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर परिजनों से फिरौती की रकम वसूली गई।
विशेष पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिव कुमार को छपरा कचहरी परिसर से सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही मामले में संलिप्त चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों में सुधीर कुमार (रामचंद्रपुर बस स्टैंड, लहेरी, नालंदा), जितेंद्र कुमार (जलालपुर, धनरुआ, पटना), अनुप कुमार (मूल निवासी भूतौली मालपा, चौथम, खगड़िया, वर्तमान पता वेस्ट जजेज कॉलोनी, आरपीएफ, दानापुर, पटना) तथा कथित अपहृत शिव कुमार शामिल हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की सूचना वरीय अधिकारियों को देने के बाद पुलिस अधीक्षक नालंदा के निर्देश पर राजगीर के डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। गिरियक पुलिस निरीक्षक सुमंत कुमार के सहयोग से गठित टीम में थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, अपर थानाध्यक्ष आदित्य कुमार, एसआई मुकुंद भारती तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और साइबर ठगी से जुड़े पहलुओं की भी गहन जांच जारी है। इस कार्रवाई को कतरीसराय पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने महज दो दिनों के भीतर मामले की सच्चाई उजागर कर दी।
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