एकसारा में 451 कलशों के साथ नौ दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण विराट महायज्ञ का भव्य शुभारंभ

Nine-Day Shri Lakshmi Narayan Virat Mahayagya Begins with Grand Kalash Yatra in Eksara. 451 devotees joined the sacred procession in Ben block as religious events, Rasleela and Bhandara commence.

“महायज्ञ को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह है और हजारों श्रद्धालु आयोजन में सहयोग का भरोसा जता रहे हैं…

बेन (नालंदा दर्पण)। बेन प्रखंड के एकसारा गांव में बुधवार को धार्मिक आस्था और उत्साह के बीच नौ दिवसीय श्री श्री 108 श्री लक्ष्मी नारायण विराट महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। गांव में सुबह से ही भक्तिमय माहौल देखने को मिला और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

Eksara Mahayagya
451 devotees joined the sacred procession in Ben block as religious events, Rasleela and Bhandara commence

कलश यात्रा की शुरुआत एकसारा कुटी परिसर स्थित सूर्य मंदिर से हुई, जो गाजे-बाजे, भक्ति गीतों और जयकारों के बीच लगभग आधा किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गांव के देवीस्थान तक पहुंची। यहां यज्ञाचार्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से कलश पूजन कराया गया तथा श्रद्धालुओं ने कलश में पवित्र जल भरा।

इस पावन यात्रा में 451 कुंवारी कन्याओं, महिलाओं और पुरुषों ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। पूरे गांव में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने गांव का भ्रमण कर यज्ञ स्थल तक पहुंचकर पूजा-अर्चना संपन्न की।

महायज्ञ के आयोजन में नवनीत कुमार उर्फ सोनू, विजय कुमार, राहुल कुमार उर्फ बंटू, कमलेश कुमार, ओमप्रकाश सिन्हा, बिन्दु प्रसाद और विकास कुमार समेत कई स्थानीय लोगों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। आयोजन समिति ने बताया कि यज्ञ के दौरान प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और प्रवचन का कार्यक्रम चलेगा।

आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं के मनोरंजन एवं धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए रासलीला और मेले का भी आयोजन किया गया है। साथ ही दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यज्ञ स्थल पर विशाल मंडप और भव्य पंडाल का निर्माण कराया गया है।

रात्रि में भागवत कथा के उपरांत रासलीला का आयोजन होगा, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

इस अवसर पर बाबा रामनारायण दास त्यागी ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से न केवल वातावरण पवित्र होता है, बल्कि पूरे गांव में भक्तिमय और सकारात्मक माहौल बना रहता है। वहीं नवनीत कुमार उर्फ सोनू ने बताया कि प्रतिदिन प्रवचन के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई है।

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