
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर थाना क्षेत्र के ढेकवाहा पंचायत अंतर्गत मिरजान बिगहा गांव में मनरेगा कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, गोलीबारी, छीनाझपटी और जानलेवा हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले में कुल सात नामजद समेत कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार ढेकवाहा पंचायत की मुखिया सुनीता देवी ने इस्लामपुर थाना में तीन नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया है कि ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि मिरजान बिगहा गांव के समीप पंचायत समिति सदस्य के पति द्वारा मनरेगा योजना के तहत मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन से पइन उड़ाही का कार्य कराया जा रहा है, जो सरकारी नियमों का उल्लंघन है।
मुखिया के अनुसार सूचना मिलने पर वह 12 मई की रात अपने सहयोगियों के साथ जांच के लिए वहां पहुंचीं। रास्ता अवरुद्ध होने के कारण प्राथमिक विद्यालय के समीप वाहन रोकना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अपने पुत्र को साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर भेजा।
आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोग शराब का सेवन कर रहे थे और जेसीबी से कार्य करा रहे थे। जब इसका विरोध किया गया तो आरोपियों ने मारपीट की तथा मोबाइल फोन छीन लिया।
वहीं दूसरी ओर, ढेकवाहा पंचायत समिति सदस्य सुषमा कुमारी के पति एवं शिक्षक प्रभात रंजन कुमार ने भी थाना में अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि 13 मई की रात वह मिरजान बिगहा गांव से बाइक द्वारा ब्रहगांव जा रहे थे। इसी दौरान कचड़ा भवन के समीप चारपहिया वाहन पर सवार कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया।
प्राथमिकी में कहा गया है कि हमलावरों के हाथ में लोहे की रॉड, लाठी और कट्टा था। आरोपियों ने जान मारने की नीयत से उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें मरणासन्न अवस्था में छोड़ दिया। जाते-जाते आरोपियों ने दो राउंड फायरिंग भी की तथा आगे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने घटना के पीछे राजनीतिक द्वेष को कारण बताया है।
इधर इस्लामपुर थाना अध्यक्ष अनील कुमार पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है तथा तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






