
‘हर घर नल का जल’ योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन खुदागंज में एक क्षतिग्रस्त बोरिंग पाइप ने पूरे इलाके की जलापूर्ति ठप कर दी है। यह दर्शाता है कि समय पर रखरखाव और त्वरित मरम्मत नहीं होने पर करोड़ों की सरकारी योजनाएं भी लोगों के लिए बेअसर साबित हो सकती हैं….
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर प्रखंड की पनहर पंचायत अंतर्गत खुदागंज में सरकारी जलमीनार की बोरिंग पाइप क्षतिग्रस्त होने से पिछले दो सप्ताह से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। स्थिति ऐसी बन गई है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी जलमीनार ग्रामीणों के लिए सुविधा के बजाय केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। इससे सैकड़ों परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार सामुदायिक भवन के समीप स्थित इस जलमीनार से खुदागंज बाजार के अलावा वार्ड संख्या-8, 9 और 10 के घरों तक नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जाता था। लेकिन बोरिंग पाइप क्षतिग्रस्त होने के बाद जलापूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। नतीजतन लोगों को निजी चापाकलों और पंपसेटों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जहां सुबह से शाम तक पानी भरने वालों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।
समाजसेवी सतीश चौधरी, वार्ड सदस्य विगन सिंह, रौशन कुमार, पंकज कुमार और संजय कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल संकट के कारण घरेलू कार्यों के साथ-साथ पीने के पानी की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। गर्मी के मौसम में हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं तथा लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जलमीनार की खराबी की सूचना संबंधित विभाग और अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे लोगों में विभागीय उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को विवश होंगे। उनका कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से लोगों को वंचित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।






