राजगीर में हनुमान स्वरूप लंगूरों का आतंक से लोग हलकान

नालंदा दर्पण डेस्क। राजगीर जंगल से बाहर निकलकर शहर पहुंचे लगभग आधा दर्जन लंगूरों से लोग हलकान और भयभीत हो रहे हैं। शहर के रिहायशी इलाकों में इन लंगूरों को ऊंचे भवनों की छतों पर देखा जा रहा है, जहां से ये अपने भोजन और आवासन लायक सुरक्षित स्थान ढूंद कर वहां जा धमकते हैं।

इस दौरान छत पर खड़े लोगों के सामने अचानक कूद कर आये लंगूरों से लोगों में हलचल मच जाती है। सबसे ज्यादा महिला और घर में बैठा लंगूर बच्चों में लगभग भगदड़ सी मच जाती है। इन लंगूरों को अपने घर और छतों पर आने से रोकने के लिए लोग थाली सहित अन्य चीजें बजाकर भगाने का भी प्रयास कर रहे हैं।

वहीं मंगलवार के दिन रामभक्त आध्यात्मिक लोगों ने अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर की अलौकिकता से जोड़कर देखा, जिसमें कुछ वयोवृद्ध और बुद्धिजीवियों ने इन लंगूरों के शहर में आगमन को सौभाग्य समझा। साथ ही राम मंदिर के प्रति अपनी भावनाएं प्रकट कीं।

मंगलवार का दिन होने के कारण हनुमान जी की स्वरूप में, इन लंगूरों को रोटियां और पूड़ी खिलाकर धार्मिक लाभ का आनंद भी उठाया।

इस बाबत वनक्षेत्र पदाधिकारी अरुण कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इन लंगूरों से घबराएं नहीं और न ही इनके साथ छेड़छाड़ करें। ये जिस तरह आते हैं उसी तरह अपने रास्ते चले जाते हैं।

[embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=a1VyarsT3qE[/embedyt]

राजगीर मकर संक्रांति मेला की तैयारी जोरों पर, यहाँ पहली बार बन रहा जर्मन हैंगर

सोहसराय थानेदार का वायरल हुआ भरी भीड़ में गाली-गलौज करता वीडियो

BPSC टीचर्स को यूं टॉर्च की रौशनी में अपना लेक्चर झाड़ गए KK पाठक

जानें राजगीर के लिए क्यों खास है वर्ष 2024 ?

अंग्रेजी शराब कारोबार में संलिप्त अजीबोगरीब गिरोह का भंडाफोड़

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker