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TRE-3 पेपर लीक : EOU रिमांड पर नगरनौसा का यह परीक्षा माफिया खोल रहा सब राज

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में उज्जैन से गिरफ्तार अभियुक्तों को विशेष अदालत ने आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ में जुट गई है।

इओयू ने आर्थिक अपराध की विशेष अदालत की न्यायाधीश सारिका बहेलिया की अदालत में एक आवेदन दाखिल कर बिहार पुलिस की उज्जैन से गिरफ्तार किये गये पांच परीक्षा माफिया शिवकुमार उर्फ डॉक्टर शिवकुमार, प्रदीप कुमार, बल्ली उर्फ संदीप, तेजस्वी कुमार और सौम्या कुमार को पुलिस रिमांड पर सौंपे जाने का अनुरोध किया था।

उस आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने पांचों अभियुक्तों को पुलिस रिमांड पर पूछताछ के लिए इओयू को सौंपने का आदेश दिया। उसके बाद इओयू गिरफ्तार सभी अभियुक्तों से रिमांड अवधि की कड़ी पूछताछ कर रही है।

इओयू सूत्रों के अनुसार कड़ी पूछताछ के दौरान नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र निवासी परीक्षा माफिया शिवकुमार उर्फ डॉ. शिवकुमार, प्रदीप कुमार, बल्ली उर्फ संदीप, तेजस्वी कुमार ने कई राज खोले हैं। शिवकुमार से इओयू यह भी पता लगा रही है कि उसने किस-किस अभ्यर्थियों से कितनी राशि किन-किन लोगों के जरिए ली है। उसके जाल किस स्तर तक फैले हुए हैं।

बता दें कि इस मामले में इओयू ने बिहार और झारखंड की विभिन्न जगहों पर कई दिनों तक छापामारी कर 266 लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनके पास से बड़ी संख्या में प्रश्न पत्र और अन्य आपत्तिजनक सामान जब्त किए गए थे। इस संबंध में इओयू थाना कांड संख्या 06/2024 के रूप में 16 मार्च, 2024 को दर्ज किया गया है।

इस मामले में इओयू ने आगे की कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के उज्जैन में छुपे पांच अभियुक्तों में गिरफ्तार किया था। उनमें चार शातिर लोग नालंदा जिले के निकले, जिनकी पहचान नगरनौसा थाना क्षेत्र निवासी प्रदीप कुमार, संदीप कुमार, शिवकुमार और तेज प्रकाश के रुप में हुई थी।

इसके अलावे एक महिला आरोपित सौम्या को भी इओयू ने गिरफ्तार किया था। जिसकी पेपर लीक कांड में काफी सक्रिय भूमिका बतायी जा रही है।

इन सबों का सुराग हजारीबाग और पटना से गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में मिला था। इसके बाद से ही इओयू आरोपितों की तलाश कर रही थी। कहा जाता है कि यह महिला आरोपित अभ्यर्थियों से राशि उगाही का कार्य करती थी।

इसके पहले राज्य अपराध ईकाई (इओयू) ने नालंदा जिले के कई लोगों को अपनी गिरफ्त में लिया है, जिसमें नगरनौसा प्रखंड के भूतहाखाड़ पंचायत के पूर्व मुखिया एवं हरनौत विधानसभा क्षेत्र से पिछला चुनाव लड़ चुकी चिराग पासवान की लोजपा (आर) नेत्री ममता देवी का पति संजीव कुमार और पुत्र भी शामिल है। जो पहले भी इसी तरह के कई मामलों को अंजाम देकर अकूत संपति कमाने के साथ जेल भी जा चुके हैं।

कहा जाता है कि इसी पिता-पुत्र से कड़ाई से पूछताछ के बाद मिले इनपुट के आधार पर ही उज्जैन से पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसके आलावे नालंदा जिले के दर्जन भर शातिर लोग इओयू के रडार पर हैं, उनकी सरगर्मी से तलाश जारी है, जो हजारीबाग में टीआरइ-3 पेपर लीक मामले से सीधे जुड़े रहे हैं।

इन सभी शातिरों की भूमिका टीआरइ-2 में भी संदिग्ध रही है। इस आधार पर बहाल बीपीएससी के कई टीचर भी दबोचे जा सकते हैं। ऐसे भी टीआरइ-3 पेपर लीक मामले में हजारीबाग से गिरफ्तार करीब 300 अभ्यर्थियों में प्राय नालंदा जिले के ही रहने वाले थे।

TRE-3 पेपर लीक मामले में उज्जैन से 5 लोगों की गिरफ्तारी से नालंदा में हड़कंप

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Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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